फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्रकूट: अंतिम व्यक्ति तक योजनाएं पहुंचाने की कोशिश

विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। जनसभा को संबोधित करने के दौरान 26 मिनट के भाषण में सीएम योगी आदित्यनाथ ने जहां विपक्षियों पर कई बार निशाना साधा, वहीं बीच-बीच में जोश भी दिखाया। बुंदेलखंड में आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि भी तैयार करने के संकेत दिए।
विज्ञापन

धार्मिक व पर्यटन के माध्यम से क्षेत्र का विकास कर विपक्षियों को पटकनी देने का खाका भी पेश किया। कई केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं का बखान कर इन्हें जहां जनोपयोगी बताया, वहीं यह कहने से भी नहीं चूके कि अब तक अन्य सरकारों ने यह सब नहीं किया है।
भाषण के दौरान पांच बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लेकर उनके मॉडल को पूरे प्रदेश में लागू करने का जिक्र किया। ग्रामीण क्षेत्र के विकास को नानाजी देशमुख के मॉडल को अपनाने को कहा। सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाने का कार्य कर रहे, जबकि कुछ राजनीतिक दल भेदभाव के आधार पर कार्य कर रहे हैं।
विज्ञापन

उन्होंने किसी दल पर सीधा हमला नहीं बोला। कई बार सीएम ने बुंदेलखंड के नैसर्गिक सौंदर्य को बनाए रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही अफसरों को आम जनता के साथ काम करने को कहा। कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य बचाकर पर्यटन को बढ़ावा देने से रोजगार के अवसर बढे़ंगे और बुंदेलखंड से पलायन भी रुकेगा।
इसके पूर्व सीएम हैलीपैड से गाड़ी से सीधे वाल्मीकि आश्रम पहुंचे और महर्षि वाल्मीकि की मूर्ति का माल्यार्पण किया। उन्होंने माता अशावर के भी दर्शन कर पूजा की और रामायण पाठ का शुभारंभ किया। कुछ देर पहाड़ के ऊपर से ही प्राकृतिक दृश्य को निहारते रहे। सीएम आश्रम में साधु-संतों से भी मिले।
आश्रम में पहुंचने के बाद सीएम ने क हा कि इस पवित्र स्थल पर आने पर वह धन्य हो गए। यहां की प्राकृतिक छटा आज भी पवित्र है। उन्होंने कमिश्नर और डीएम को निर्देश दिए कि वाल्मीकि आश्रम व गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि के विकास को मिलकर योजना बनाने को कहा।
कहा कि चित्रकूट क्षेत्र के विकास को कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। इस मौके पर वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास, तुलसी पीठ चित्रकूट के संत आचार्य रामचंद्र दास, भरत मंदिर के महंत दिव्यजीवनदास आदि मौजूद थे।
सीएम ने फोन से रामभद्राचार्य से वार्ता की
सीएम जैसे ही हेलीकाप्टर से उतरे तो जगद्गुरु रामभद्राचार्य के उत्तराधिकारी आचार्य रामचंद्रदास ने स्वागत किया। सीएम ने रामचंद्रदास से जगद्गुरु का हालचाल जाना और चित्रकूट से रवानगी के दौरान मोबाइल से जगद्गुुरु से पांच मिनट तक बातचीत की। जगद्गुरु ने बताया कि स्वास्थ्य कारणों से कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। सीएम ने कहा कि जल्द ही राजापुर आगमन होगा तो मुलाकात होगी।
आश्रम के महंत व्यवस्था को लेकर रहे परेशान
वाल्मीकि आश्रम के महंत भरतदास आश्रम में व्यवस्था करने को लेकर परेशान रहे। एक बार तो वह आश्रम से नीचे उतर आए। उन्होंने जिला मुख्यालय से कोई सामान मंगाया था। लाने वाले को पुलिस ने बीच रास्ते में रोक लिया था, जिससे वह निराश हो गए। उन्होंने खुद एक गाड़ी में बैठकर सामान लेने गए। जब आए तो लालापुर गांव के पास पुलिस उनको रोक लिया। बताने पर ही अंदर जाने दिया।
दो सौ से अधिक सीढ़ियां चढ़े मुख्यमंत्री
वाल्मीकि आश्रम पहुंचने के लिए 365 सीढ़ियां पार करनी होती हैं। मुख्यमंत्री को इतनी सीढ़ी न चढ़नी पढे़ तो अफसरों ने कुछ दूरी तक बने रास्ते से कार से ले गए। इसके बाद भी सीएम दो सौ से अधिक सीढ़ियां चढ़कर आश्रम तक पहुंचे। उनके साथ चलने वाले जिले के प्रतिनिधि हांफ गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें