चित्रकूट। तीन दिन से खाद न मिलने से परेशान किसान ने फंदा लगाकर जान दे दी। जिलाधिकारी ने मामले की जांच के र्देश दिए है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के कंठीपुर गांव निवासी किसान बरकत अली ने बताया कि वह चचेरे भाई छोटुआ खान (50) के साथ तीन दिन से डीएपी खाद के लिए शहर के गल्ला मंडी स्थित इफ्को केंद्र जा रहे थे। सोमवार को भी खाद के लिए लाइन में लगे थे, तभी खाद के लिए किसानों के बीच मारपीट होने लगी। इसी भीड़ में छोटुआ फंस गए लेकिन उसने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बचाया। इसके बाद वह गांव लौट आए। वह खाद न मिलने से क्षुब्ध थे। बरकत के अनुसार एक दिन पूर्व उन्होंने बताया था कि लगभग साढे छह बीघे खेत की जुताई व पलेवा हो चुका है। चना व मसूर बोने के लिए डीएपी नहीं मिल रही है। इसी के चलते मंगलवार की सुबह उन्होंने घर से कुछ दूर स्थित अपने की बगीचे में एक आम के पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। प्रशासनिक व पुलिस टीम ने छोटुआ की पत्नी जैनब व अन्य परिजनों से पूछताछ की।
सामने आया है कि सोमवार को किसान छोटुआ खान खाद लेने के लिए कर्वी आए थे। शाम को घर पहुंचने पर बच्चों के लिए खाने पीने की सामग्री लेकर आए थे। पत्नी के साथ उन्होंने खाना खाया फिर घर पर ही सोने चले गये थे। कुछ घंटे बाद ग्रामीणों ने जानकारी दी कि उन्होंने फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली है। अभी तक खाद ने मिलने से क्षुब्ध होने की बात सामने नहीं आई है। कुछ पारिवारिक व कर्ज होने की भी बात सामने आ रही है। जांच के बाद सही जानकारी होगी।
शिवशरणप्पा, डीएम
राजस्थान में मजदू्री करते हैं पुत्र
भाई ने बताया कि छोटुआ तीन पुत्र तीन पुत्रियां हैं। तीनों पुत्र राजकोट राजस्थान में मजदूरी करते हैं। घटना की जानकारी होने पर सपा विधायक अनिल प्रधान, जिलाध्यक्ष शिवशंकर यादव, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनुज यादव, मान सिंह पटेल व गुलाब खां ने पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाया।