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कोषागार घोटाला: तीन पेंशनरों की जमानत खारिज

Tue, 10 Mar 2026 12:06 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
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चित्रकूट। कोषागार घोटाले से जुड़े एक मामले में सत्र न्यायाधीश ने तीन पेंशनरों की जमानत अर्जियां खारिज कर दी हैं। इन पर दलालों और कोषागार कर्मचारियों से सांठगांठ कर सरकारी रकम हड़पने का आरोप है। इन्होंने विभिन्न बैंक खातों से कई बार में रकम निकालकर आपस में बांट ली। तीनों के खातों में 1 करोड़ 46 लाख 91 हजार रुपये रकम आई।
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जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्याम सुंदर मिश्रा के अनुसार कोषागार घोटाले में सोमवार को सत्र न्यायाधीश न्यायालय में जेल में निरुद्ध तीन पेंशनरों की जमानत अर्जी मामले में सुनवाई हुई, इनमें पेंशनर राम शिरोमणि, जवाहर लाल व जीवन लाल शामिल रहे। खटवारा निवासी आरोपी पेंशनर राम शिरोमणि याज्ञिक के मामले की सुनवाई की गई। अभिलेख के अनुसार राम शिरोमणि के इंडियन बैंक, राजापुर स्थित खाते में 21 जून 2021 से 10 जनवरी 2025 के बीच 36 बार में 90 लाख 28 हजार 931 रुपये की अनियमित निकासी की गई। जांच में सामने आया कि वर्तमान में उनके खाते में मात्र 6051.85 रुपये शेष हैं। इसी तरह खंडेड़ा, बाना मऊ निवासी आरोपी पेंशनर जवाहर लाल के स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, मऊ स्थित खाते में 27 सितंबर 2022 से 8 सितंबर 2025 के बीच 17 बार में कुल 46 लाख 60 हजार 204 रुपये का ट्रांजेक्शन हुआ। इनके खाते में मात्र 1309.93 रुपये शेष बताए गए हैं। पहाड़ी थाना के नौदी निवासी आरोपी पेंशनर जीवन लाल के यूपी ग्रामीण बैंक खाते में 6 अगस्त 2024 से 10 दिसंबर 2025 के बीच दो बार में 10 लाख 30 हजार 560 रुपये की अनियमित निकासी होने का आरोप है। उनके खाते में वर्तमान में 1 लाख 88 हजार 684.29 रुपये शेष बताए गए हैं।
अभियोजन पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से कोषागार के अभिलेखों में हेराफेरी कर अपने पेंशन खातों में धनराशि डलवाई और बाद में निकालकर उसका उपयोग किया। मामले की जांच के लिए गठित आंतरिक जांच समिति की अंतरिम रिपोर्ट में भी पेंशनरों के खातों में हुए अनियमित भुगतान का उल्लेख किया गया है।
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वहीं बचाव पक्ष ने अदालत में तर्क दिया कि आरोपियों ने कोई बेईमानी या कूटरचना नहीं की है। उनका कहना है कि बिचौलियों और कोषागार कर्मचारियों ने ही खातों का उपयोग कर अनियमित धनराशि डलवाई और निकाल ली।
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