चित्रकूट। जिला एवं सत्र न्यायालय शेष मणि ने कोषागार घोटाला मामले में नामजद आरोपी हरिहर प्रसाद चतुर्वेदी की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। यह मामला 43 करोड़ से अधिक वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है, जिसमें कोषागार कर्मियों और दलालों की मिलीभगत सामने आई है।
पुलिस और कोषागार विभाग ने न्यायालय में दाखिल आख्या में अदालत को बताया कि हरिहर प्रसाद चतुर्वेदी प्राथमिकी में नामजद हैं। उस पर दलालों और कोषागार कर्मियों की मिलीभगत से अपने बैंक खाते में अनियमित धनराशि निकालने का आरोप है। जांच में सामने आया कि 30 जनवरी 2025 से 30 मई 2025 के बीच उसके इंडियन बैंक खाते में दो बार में कुल 7 लाख 85 हजार 920 रुपये ट्रांसफर किए गए थे। पुलिस के अनुसार, वर्तमान में खाते में मात्र 1027 रुपये शेष हैं। अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि आरोपी को प्रारंभिक पूछताछ के लिए बुलाया गया था। जांच में उसके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले हैं।
उन्होंने बताया कि जांच एजेंसियों ने अदालत को बताया कि वर्ष 2018 से सितंबर 2025 तक 93 पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के खातों में पेंशन के अतिरिक्त अनियमित भुगतान किए जाते रहे। पुलिस ने कहा कि आरोपी और अन्य लोगों ने सुनियोजित तरीके से पेंशन खातों के माध्यम से रकम निकालकर आपस में बांट ली। मामले में अमित मिश्रा नामक व्यक्ति द्वारा चेक के जरिए रकम निकालने का भी उल्लेख है। इन तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही न्यायालय ने अग्रिम जमानत अर्जी निरस्त की है।