Trap cameras will monitor tiger in chitrakoot
चित्रकूट के जंगल में अब ट्रैप कैमरे से बाघों की निगरानी की जाएगी। रेडियो कालर मिलने के बाद मप्र शासन ने एक और बहुप्रतिक्षित मांग पूरी कर दी है। जिसमें 25 ट्रैप कैमरों की एक खेप प्रदान की गई है। इससे वन क्षेत्र में आने जाने वाले वन्यजीव प्राणियों के साथ अन्य लोगाें के आवागमन भी जानकारी हो सकेगी। इस क्षेत्र में पहले दस कैमरे लगे थे जिसमें छह खराब हो चुके हैं।
जिले के मानिकपुर मारकुंडी जंगल से सटे मप्र के मझगवां टिकरिया चितहरा जंगल में मौजूद तकरीबन दर्जन भर बाघ और अन्य वन जीव की सुरक्षा के लिए कैमरों की मांग की जा रही थी। अबकी पहली बार प्रदेश सरकार द्वारा एक साथ 25 ट्रैप कैमरों की एक खेप प्रदान की गई है। यह कैमरा मिलने से आसानी के साथ वन्यजीवों तथा जंगल के भीतर आने-जाने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी।
सतना के वन संरक्षक राजीव मिश्रा ने बताया कि विभागीय कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण मे कई वन्यजीव विशेषज्ञ भी मौजूद रहेंगे जो मैदानी वनकर्मियों को आवश्यक जानकारियां देंगे। बताया कि इसके पूर्व मंडल को कई किस्तों मे वन मंडल को 10 के करीब ट्रैप कैमरे प्राप्त हुए थे। जिनमें से आधे खराब हो चुके हैं।
इन दिनों जिले की सीमा से लेकर मप्र की सीमा क्षेत्र में दर्जन भर बाघ और अन्य वन जीवों का विचरण हो रहा है। इनकी सुरक्षा के लिए बार बार यह मांग की जा रही थी। गौरतलब है कि कुछ दिन पूर्व ही मप्र सरकार ने इस क्षेत्र में विचरण करने वाले बाघों पर निगरानी रखने के लिए रेडियो कालर मिल चुका है। जो बाघ की हरकतों व मौजूदगी की लोकेशन वन विभाग के कर्मचारियों को देगा।