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सीटी बजाकर गुजर रहीं थी ट्रेन तीन दिन पहले हटा कॉशन

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चित्रकूट। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र से लेकर मप्र की सीमा के मझगवंा चितहरा जंगल में विभिन्न प्रजाति के जंगली जानवर पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। करीब एक पखवाड़ा पूर्व पन्ना रिजर्व टाइगर में बाघ बाघिन के आने और मानिकपुर मझगवंा के रेलवे ट्रैक के आसपास लोकेशन मिली थी। इसे लेकर रेलवे ने रेल ट्रैक पर लगे कॉशन लगा दिया था, करीब तीन दिन पूर्व यह कॉशन हटाया गया।
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एक पखवाडे से रेलवे ट्रेैक के आसपास बाघ-बाघिन की लोकेशन मिलने पर मुंबई हावडा रेलमार्ग के सतना मानिकपुर मार्ग के जंगल के रास्ते गुजरने वाली ट्रेनों के चालकों को निर्देश जारी किए गए थे कि हार्न बजाते हुए धीमी गति से ट्रेन गुजारी जाए। तीन दिन पहले यह माना गया कि दोनों की लोकेशन रेलवे ट्रैक के आस पास नहीं है तो रेलवे विभाग ने कॉशन हटा लिया था। कई अधिकारी व कर्मचारियों ने यहां तक दावा कर दिया कि बाघ बाघिन पन्ना रिजर्व टाईगर लौट कर पहुंच गए हैं। अगर काशन लगा रहता तो तेंदुए की जान बच सकती थी।
लगेगी चेन फैसिंग
चित्रकूट। वन विभाग के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया इस क्षेत्र में जंगली जानवर अक्सर रेल ट्रैक के आस पास आ जाते हैं। इन्हें बचाने के लिए रेल पटरी किनारे चैन फैसिंग लगवाने का प्रस्ताव रेल विभाग को भेजेंगे। इसके अलावा यह प्रस्ताव शासन को भी भेजा जाएगा। चैन फैसिंग रेलवे ट्रैक के दोनों ओर बैरीकेटिंग की तरह होगा जिसमें जंगली जानवर नहीं घुस सकेंगे।
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पूर्ण वयस्क नर था तेंदुआ
चित्रकूट। ट्रेन की चपेट में आने से मृत तेंदुआ के बारे में रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र के रेंजर त्रिवेणी प्रसाद ने बताया कि इसकी उम्र लगभग पांच- छह साल थी। यह नर था और पूर्ण वयस्क था। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ दिनों से जंगलों में घूम रहे बाघ-बाघिन के पन्ना रिजर्व टाईगर लौटने की कोई जानकारी नहीं है।
आज होगा पोस्मार्टम, कई सवाल
चित्रकूट। मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम पांच डॉक्टरों की टीम करेगी। पैनल में शामिल कानपुर के डॉ. आरके सिंह के सोमवार देर शाम तक न पहुंच पाने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। अब पोस्टमार्टम मंगलवार को मारकुंडी में होगा। इस तेंदुए की मौत को लेकर कई अनसुलझे सवाल सामने हैं। जिस अंदाज में रेल पटरी किनारे तेंदुए का धड के बाद का हिस्सा पडा मिला है उससे संभावना है कि कहीं शिकार कर शिकारियों ने इसे ट्रेन की चपेट में आने की बात दिखाकर यह प्रायोजित किया हो। इसकी मौत पहले हो चुकी हो फिर अपनी कमी छिपाने को किसी वनकर्मी ने यह किया हो। फिलहाल डीएफओ कैलाश प्रकाश ने इस संभावना से इंकार कर कहा कि पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से सब पता चलेगा।
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