25 सीकेटीपी-10- परिक्रमा मार्ग पर खीर की तैयारी करते लोग। संवाद
चित्रकूट। शरद पूर्णिमा पर धर्मनगरी में श्रद्धालुओं ने मंदाकिनी नदी में आस्था की डुबकी लगाई। कामतानाथ स्वामी की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की और मत्यगजेंद्र नाथ मंदिर में जलाभिषेक किया।
इस मौके पर शरद पूर्णिमा पर बनाई गई खीर का प्रसाद भी बांटा गया। श्वास रोगी एक दिन पहले से ही डेरा डालने लगे थे। शनिवार दोपहर से परिक्रमा मार्ग और राम मोहल्ला में मिट्टी की हांडियों में दूध-चावल की खीर बनाने का सिलसिला देर रात तक चला। भीड़ के कारण दूध और सामग्री की मांग बढ़ गई।
रात 10 बजे से लोग पत्तलों में खीर परोसकर बैठ गए। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्र किरणों से खीर में अमृत तत्व आता है। मध्यरात्रि में चांदनी खिलने पर वैद्य पहुंचे, खीर में दवा मिलाई और वितरण किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने खीर खाकर कामदगिरि की परिक्रमा लगाई।
दो साल से दवा लेने आ रहे रायबरेली से आए रामप्रताप ने बताया कि वह पिछले दो साल से शरद पूर्णिमा पर आ रहे हैं। कानपुर निवासी आशीष तिवारी का परिवार भी दमा की दवा लेने पहुंचा। उधर, लैना बाबा सरकार में यज्ञ-हवन के साथ भंडारे का आयोजन किया गया।
25 सीकेटीपी-10- परिक्रमा मार्ग पर खीर की तैयारी करते लोग। संवाद
25 सीकेटीपी-10- परिक्रमा मार्ग पर खीर की तैयारी करते लोग। संवाद