चित्रकूट। चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन में बने दिव्यांगों के शौचालय में अक्सर ताला लटकता रहता है। इससे दिव्यांग यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन अधिकारी निरीक्षण भी करते हैं, उसके बाद भी ताला नहीं खुलता है। वहीं माघ माह की शुरुआत होने वाली है, इस पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु धर्मनगरी आते हैं। इसके साथ ही सभी अमावस्या मेला में भी लाखों की तादात में श्रद्धालु भगवान कामतानाथ के दर्शन व कामदगिरि की परिक्रमा करने पहुंचते हैं। दिव्यांगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन पर बने शौचालयों में हमेशा ताला बंद रहता है। इससे नित्य क्रिया के लिए परेशानी होती है।
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केस नंबर-एक
दिव्यांग तरौंहा निवासी शिवचंद्र वर्मा ने बताया कि चित्रकूट धाम रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ कार्यालय व फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियों के बगल में बने दिव्यांग शौचालय का शायद ही कभी कभार ताला खुलता हो, उसके सामने तो रेलवे स्टेशन में काम करने वाले सफाई कर्मी अपना सामान रख देते हैं। इससे दिव्यांगों को पता ही नहीं चल पाता है कि दिव्यांग शौचालय बना है।
केस नंबर-दो
दिव्यांग रैपुरा निवासी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि प्लेटफार्म एक के इमरजेंसी गेट के बगल में बने शौचालयों के बगल में दिव्यांग शौचालय भी बना है। इसमें हमेशा ताला बंद नजर आता है। इससे प्लेटफार्म में आने वाले दिव्यांग शौच के लिए भटकते रहते हैं। मजबूरी में प्लेटफार्म से दूर जाना पड़ता है। इससे उनको दिक्कतें होती हैं। किसी की दिव्यांग शौचालय की ओर नजर ही नहीं पड़ती है।
ज्यादातर ट्रेन के आने जाने के समय ही इसे खुलवाया जाता है। साफ- सफाई के लिए ही बंद किया जाता है। लगातार खुला रहने से इसका अन्य लोग दुरुपयोग कर गंदा कर देते हैं।
संदीप कुमार, सहायक स्टेशन प्रबंधक