भाजपा ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों को लेकर नए अध्यक्ष का चुनाव किया है। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने अशोक जाटव को जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपकर सपा व बसपा के वोट बैंक में सेंधमारी का प्रयास कर रही है।
प्रदेश हाईकमान की सूची जारी होने के बाद नवनियुक्त भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक जाटव ने मंगलवार को मुख्यालय में पदाधिकारियों का आभार जताया। इसके बाद पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो दायित्व सौंपा है उसका इमानदारी से पालन किया जाएगा।
उन्होंने कहा अगला लक्ष्य 2017 का विधानसभा चुनाव ही है। दावेदार तो तमाम थे, लेकिन हाईकमान ने उन पर जो विश्वास जताया है उस पर वह खरा उतरने के लिए अभी से मिलजुल कर प्रयास करेंगे। पत्रकार वार्ता में सांसद भैरो प्रसाद मिश्र, पूर्व अध्यक्ष जय विजय सिंह, वरिष्ठ नेता चंद्रिका प्रसाद उपाध्याय, रंजना उपाध्याय, पंकज अग्रवाल, सुभाष अग्रवाल, हेमंत सिंह व दिनेश तिवारी आदि लोग मौजूद रहे।
भाजपा जिलाध्यक्ष पद पर 21 लोगों ने नामांकन किया था, लेकिन मतदान की स्थिति की संभावना को हाईकमान ने पहले ही टाल दिया था। पांच दावेदारों के बीच कड़ा मुकाबला था, मगर आखिरी में अशोक ने बाजी मारी।
जिला बनने के बाद भाजपा ने पहली बार अनुसूचित जाति से जिलाध्यक्ष बनाया है। अब तक मारकंडे द्विवेदी, मदन गोपाल शुक्ला, भोलानाथ गुप्ता, लवकुश चतुर्वेदी, दिनेश तिवारी, जयविजय सिंह जिलाध्यक्ष रह चुके हैं।
अशोक जाटव का जन्म 15 जनवरी 1978 को राजापुर कस्बा में हुआ था। राजनीति शास्त्र से एमए की शिक्षा ग्रहण की। इसके बाद 1997 में भाजपा की सदस्यता ली। 2000 में पहली बार नगर पंचायत राजापुर के सभासद का चुनाव लड़ा और जीते।
2006 में मां बसंती जाटव नगर पंचायत अध्यक्ष बनीं। पिता स्व. गोविंद प्रसाद नगर पंचायत में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। चार भाई व तीन बहनों में तीसरे नंबर के अशोक को भाजयुमो का प्रदेश कार्यसमिति सदस्य बनाया गया। वर्ष 2007 में वह पार्टी के जिला संयोजक बने। 2007 से लेकर 2010 तक अनुसूचित मोर्चा के कानपुर मंडल के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे।