चित्रकूट। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के उद्देश्य से नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पूरे जिले को चार अलग-अलग सेक्टरों में बांटा गया है, जहां यातायात पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक सेक्टर में एक उप-निरीक्षक के साथ सिपाहियों की तैनाती होगी।
सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने, जाम से निजात, ओवरलोड वाहनों सहित अन्य कारणों की वजह से यातायात की व्यवस्थाएं बदली गई हैं। अभी तक केवल एक ही यातायात प्रभारी के जिम्मे पूरा जिला रहता था लेकिन अब पूरे जिले को चार सेक्टरों में बांटा गया है। नई व्यवस्था के तहत पहले सेक्टर में सदर कोतवाली और भरतकूप को शामिल किया गया है। दूसरे सेक्टर में पहाड़ी, राजापुर और सरधुवा क्षेत्र आते हैं।
तीसरे सेक्टर में रैपुरा, मऊ और बरगढ़ को जोड़ा गया है, जबकि चौथे सेक्टर में मानिकपुर, मारकुंडी और बहिल पुरवा थाने शामिल हैं। प्रत्येक सेक्टर में एक एसआई के नेतृत्व में 11 से 12 जवानों की टीम तैनात की गई है। इससे पहले पूरे जिले के लिए केवल एक ही यातायात प्रभारी होता था लेकिन अब जवानों की संख्या 27 से बढ़ाकर 47 कर दी गई है, जिससे प्रभावी निगरानी और कार्रवाई संभव हो सकेगी।
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जिले में लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उनका मानना है कि इस नई व्यवस्था से न केवल दुर्घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि यातायात जाम की समस्या से भी लोगों को निजात मिलेगी। इसके अतिरिक्त, ओवरलोड वाहनों के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी, जो अक्सर दुर्घटनाओं का कारण बनते हैं। यह परिवर्तन यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने और सुरक्षित सड़क यात्रा को बढ़ावा देने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।