चित्रकूट/मानिकपुर। सोमवार की दोपहर को लाइसेेंसी बंदूक से नंदू ने पुत्री के अश्लील वीडियो व फोटो देखकर गोली मारकर पत्नी व पुत्री की हत्या कर जंगल की ओर भाग गया। सभी को यह आशंका थी कि वह या तो थाने में जाकर समर्पण करेगा या फिर आत्मग्लानि में खुदकुशी कर सकता है। इसे लेकर पुलिस की तीन टीमें रात भर जंगल व आसपास के क्षेत्र में उसे खोजती रही लेकिन उनके हाथ खाली रहे और आखिर में मंगलवार को 15 घंटे बाद नंदू तब मिला जब उसके प्राण निकल चुके थे। कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पेड़ पर लटके देख पुलिस का सूचना दी। लोगों ने कहा कि पुलिस ज्यादा सतर्क होती तो शायद एक जान बच सकती थी क्योंकि मृतक गांव के आसपास ही रहा था।
पूरे मामले में पुलिस ने मृत युवती खुशी त्रिपाठी के कथित प्रेमी पंकज यादव के खिलाफ दो मामले दर्ज किए हैं लेकिन वह पुलिस की पकड़ से दूर है। अपर पुलिस अधीक्षक चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि उसे पकड़ने के लिए पुलिस की तीन टीमें गठित की गई हैं। अपर एसपी ने बताया कि जंगली इलाके में रात को किसी को खोज पाना जरा मुश्किल था। ग्रामीणों की मदद से ही पुलिस संभावित स्थानों पर खोजबीन कर रही थी।
मृतक नंदू दरअसल अपना मोबाइल भी घर में ही छोड़कर भागा था। ऐसे में संभावना है कि पुलिस इसी कारण से उसे रात में नहीं ढूंढ पाई। ज्यादातर मामलों में पुलिस सर्विलांस से ही आरोपी की तलाश कर लेती है। मोबाइल मृतक के पास न होने से समय से पुलिस उस तक नहीं पहुंच सकी।
एक परिवार के तीन लोगों की मौत के बाद मौके पर पहुंचे डीआईजी विपिन कुमार मिश्रा ने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक है। आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। किसी भी आरोपी को छोड़ा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह घटना इंस्टाग्राम व मोबाइल के अन्य एप पर युवती के कथित प्रेेमी के साथ तस्वीरों व वीडियो को देखने के बाद ही हुई। आज की पीढ़ी मोबाइल का दुरुपयोग कर रही है। इसके लिए जागरूकता की जरूरत है। अभिभावक भी बच्चों को सही शिक्षा दें और मोबाइल का सद्प्रयोग करना बताएं।
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