फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश अपर जिला जज ने दहेज हत्या के मामले में पति और सास-ससुर को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
सहायक अभियोजन अधिकारी राघवेंद्र सिंह सेंगर ने बताया कि सतना (मप्र) के सभापुर खंडौरा निवासी उमेश कुमार पयासी ने पुत्री हेमा (22) की शादी जारो माफी थाना मारकुंडी के सूरजदीन उर्फ आकाश पुत्र जगमोहन पांडे से की थी। 30 जून 2012 को थाने से उसे सूचना मिली कि उसकी पुत्री की जलकर मौत हो गई है। इस पर उसने थाने में पति, ससुर, सास चुनकी और जेठ-जेठानी के खिलाफ दहेज हत्या का आरोप लगा रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
उसका कहना था कि ये लोग उसकी पुत्री पर ताने कसते थे और दहेज के लिए मारते पीटते थे। इन्हीं लोगों ने उसकी जलाकर हत्या कर दी। इस मामले में बुधवार को अपर जिला जज आशीष कुमार जैन ने पति को दस साल का सश्रम कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सास-ससुर को सात-सात साल का सश्रम कारावास और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। पीड़ित पक्षकार को दस हजार रुपये का प्रतिकर भी दिलाया गया। कोर्ट ने जेठ-जेठानी को बरी कर दिया।