खोवा बेचने जा रहे व्यापारी की रास्ते पर कुल्हाडी से काटकर हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने तीन अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनायी है। साथ ही 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया है।
अभियोजन अधिकारी श्रीराम यादव ने बताया कि 20 अगस्त 2014 को सदर कोतवाली क्षेत्र अन्तर्गत बंदरी गांव के निवासी जानकी प्रसाद पुत्र उमेश उर्फ चुन्नू पटेल ने पुलिस को दी गयी तहरीर में बताया था कि उसके पिता उमेश सिंह उर्फ चुन्नू पटेल इसी दिन (20 अगस्त को)घर से खोवा बेंचने के लिए सबेरे साइकिल से निकले थे। उनके पीछे वह भी अपने दादा मकसूदन पटेल के साथ घर से कमतलपुरवा में बुआ के यहां से जा रहे थे। खोही तिराहे पर तीनों की मुलाकात होने पर उसके पिता ने कहा कि वह दादा के साथ ठर्री गांव आ जाए।
इसके बाद उसके पिता आगे निकल गये और वह भी दादा के साथ साइकिल से जा रहा था। खोही बाजार से आगे निकलने पर रास्ते में महुवा के पेड़ के पास पहले से घात लगाये बैठे उसके गांव बंदरी निवासी कामता पुत्र शम्भू पटेल, अनिल बहादुर उर्फ भुरवा पुत्र झल्लू पटेल और श्याम बहादुर उर्फ भुलुवा पुत्र वंशगोपाल पटेल ने उसके पिता को घेर लिया और साइकिल से गिरा दिये। इसके बाद इन लोगों ने कुल्हाडी से प्रहार किया। जिससे उसके पिता की मौत हो गयी। इस दौरान वह लोग पीछे से पहुंचने पर चिल्लाएं। इस पर सभी हमलावर जान से मारने की धमकी देते हुए भाग निकले।
पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद अभियुक्तों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज कुसुमलता ने गुरूवार को इस मामले में निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त कामता, अनिल कुमार और श्याम बहादुर को आजीवन कारावास की सजा सुनायी गयी।
साथ ही प्रत्येक अभियुक्त को 15-15 हजार रूपये का अर्थदंड दिया गया है। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के पुत्र को देने के आदेश दिये गये हैं। न्यायालय के निर्णय के बाद तीनों अभियुक्तों को सजा भुगतने के लिए जिला कारागार भेज दिया गया है।