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तीन और किसानों की मौत

Fri, 01 May 2015 10:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट
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फसल बर्बाद होने के गम में किसानों की मौत का सिलसिला थम नहीं रहा है। थाना कोतवाली अंतर्गत आनंदपुर भांभा गांव और मानिकपुर थाने के लक्ष्मणपुर में कम पैदावार देखकर दो किसानों की सदमे से मौत हो गई। वहीं रैपुरा थाने के गढ़वारा गांव में एक किसान ने खेत में ही फांसी लगा ली।
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आनंदपुर भांभा गांव में अनुसूचित जाति के किसान गोरेलाल (40) पुत्र सउंवा के पास एक बीघा खेत है। इसके अलावा उसने दस बीघे खेत बंटाई में लिया था। गुरुवार रात उसने सपरिवार फसल की कतराई की थी। लेकिन उम्मीद से कम पैदावार देखकर वह मायूस था। खेत में ही उसे पेट और सीने में दर्द महसूस हुआ। परिजनों ने बताया कि जब तक उसे अस्पताल ले जाया जाता, उसने दम तोड़ दिया। उसके परिवार में पत्नी बिट्टी के अलावा दो पुत्र वासुदेव और बच्चा, तीन पुत्रियां सुरिजकली, नीतू और गुड़िया हैं। घटना के बाद भौंरी पहाड़ी मार्ग पर कुछ देर के लिए परिजनों ने ग्रामीणों के साथ जाम लगा दिया। जानकारी पर एसडीएम नरेंद्र सिंह, राजस्व कर्मी और कोतवाली प्रभारी मौके पर पहुंचे। उनके आश्वासन पर परिजन शांत हुए।

उधर, मानिकपुर थाने के लक्ष्मणपुर निवासी किसान रामखिलावन मिश्रा (75) शुक्रवार को खेत से गेहूं कतराकर घर लौटे तो उनके सीने में दर्द होने लगा। पुत्र मनोज और राहुल उन्हें लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि रामखिलावन ने सात बीघे में गेहूं की फसल बोई थी, जो मौसम की वजह से बेकार हो गई। उन पर इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की मानिकपुर शाखा का एक लाख केसीसी का ऋण और कोआपरेटिव बैंक का पंद्रह हजार का ऋण था। इसी वजह से वह परेशान थे। लेखपाल अवधेश सिंह ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली।
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वहीं रैपुरा थाने के गढ़वारा गांव में कम फसल देखकर मायूस किसान ने खेत में ही पेड़ से लटककर जान दे दी।  शिवराम (50) निवासी गढ़वारा ने ढाई बीघा खेत में अरहर बोई थी। शुक्रवार सुबह वह खेत पहुंचा। पौधों में दाने की जगह सिर्फ पत्ते और ठूंठ देखकर उसने खेत में ही पेड़ से लटककर फांसी लगा ली। उसके परिवार में पत्नी गीता देवी के अलावा सात पुत्रियां हैं। वह पुत्रियों की शादी को लेकर चिंतित रहता था।

 जानकारी पर एसडीएम राजापुर अभयराज मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने बताया कि गरीब किसान के परिजनों को आर्थिक मदद के लिए उन्होंने जिलाधिकारी से विवेकाधीन कोष से मदद का अनुरोध किया है। एसओ रैपुरा शैल कुमार ने बताया कि किसान ने ट्रैक्टर के लिए लगभग ढाई लाख का लोन भी लिया था।
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