चित्रकूट। नये साल 2025 मेें जिले में हो रहे विकास कार्य में मऊ के यमुना नदी में बन पुल व शहर के मंदाकिनी नदी में बन पुल की शुरुआत होगी। सबसे आकर्षण का केंद्र देश का दूसरा स्काई ग्लास ब्रिज होगा इसी तरह से देवांगना से हवाई पट्टी तक फोर लेन रोड व वाल्मीकि आश्रम में बन रहे सांस्कृतिक केंद्र होने की संभावना है। मंदिर के आकार को प्रदर्शित करने वाले रेलवे स्टेशन का भी आधुनिकीकरण का काम पूरा होगा। बाई पास मार्ग के लिए भी चिंहित मार्ग पर काम शुरु हो सकता है। चित्रकूट डीएम शिवशरणप्पा ने बताया कि धार्मिक व पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने की कई योजनाएं इसी साल पूरी हो जाएंगी। इससे क्षेत्र का कई मायनों में विकास दिखेगा। बचे कामों को इसी साल पूरा करने का लक्ष्य भी है।
महिला घाट पुल से मार्च में दौड़ेगे वाहन
मऊ क्षेत्र में यमुना नदी पर बने महिला घाट पुल से नये साल के मार्च में वाहन दौड़ने लगेंगे। साल 2010 में पुल बनाने की घोषणा की गई थी। सरकारें बदली लेकिन पुल का निर्माण पूरा नहीं हुआ। अब लगभग पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। एप्रोच मार्ग बनते ही पुल में यातायात की शुरुआत हो जाएगी। पुल की लंबाई 1247.3 मीटर व चौड़ाई 7.5 मीटर है इसमें पिलर 42 है।
अप्रैल में धर्मनगरी जाने में सहूलियत, तैयार हो पुल
शहर के तरौंहा के पास मंदाकिनी नदी में पुल का निर्माण कार्य किया गया। इससे धर्मनगरी चित्रकूट जाने के लिए नई सहूलियत मिलेगी। जिला मुख्यालय से चित्रकूट की दूरी तीन किलोमीटर लगभग इस स्थान से जाने से कम हो जाएगी। पुल का निर्माण कार्य पूरा हो गया है लेकिन पुल का शुभारंभ नहीं किया गया। अप्रैल 2025 में पुल की शुरुआत हो जाएगी।
मई से वाल्मीकि आश्रम के सांस्कृतिक केंद्र का शुभारंभ
चित्रकूट। राष्ट्रीय राजमार्ग झांसी मिर्जापुर मार्ग के किनारे स्थित वाल्मीकि आश्रम में सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। जिसमेें संस्कृत भाषा के प्रमुख ग्रंथ रखने के साथ शोध करने व महर्षि वाल्मीकि के इतिहास के बारे में सभी जानकारी होगी। संभावना जताई जा रही है। इसका निर्माण कार्य पूरा जाएगा।
स्काई ग्लास ब्रिज
चित्रकूट। मानिकपुर क्षेत्र के तुलसी प्रपात पर्यटन स्थल पर पर्यटकोंं की सुविधा के लिए प्रदेश सरकार द्वारा स्काई ग्लास ब्रिज का निर्माण किया गया। यह पुल पर्यटकों को आकर्षित क र रहा है। संभावना है कि स्काई ग्लास ब्रिज का शुभारंभ इसी साल मार्च हो जाएगा।