जिले के लोग सूखे के चलते बेहाल हैं। ऐसे में हो रही पानी की बर्बादी को देखकर भी जिम्मेदार विभाग आंख बंद किए है। वहीं लोग पेयजल के लिए जद्दोजहद कर रहे है। मजबूर होकर उन्हें गंदा और बंदबूदार पानी उबालकर पीना या ऐसे ही साफ करके पीना पड़ रहा है। नगर के पसियाना मोहल्ला में दो साल से वाटर लाइन टूटी है और प्रतिदिन हजारों लीटर पानी सड़क व नालियाें में बह रहा है। मोहल्लावासी लगातार इसकी शिकायत कर रहे है, उसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं है।
मुख्यालय के पसियाना मोहल्ले में पानी की समस्या लगातार दो साल से है। करीब डेढ़ दर्जन परिवारों को तो गंदा पानी ही मिल रहा है। ये लोग लगातार दो साल से जल संस्थान की पाइप लाइन टूटी होने की शिकायत विभागीय अधिकारियों से कर रहे हैं। दिक्कत यह हैं कि नाली के बगल से पाइप लाइन निकली होने के कारण पानी आपूर्ति के समय नाली का पानी आता है। जिसकी दुर्गंध में सांस लेना मुश्किल है। जब पानी प्रेशर में आता है तब यही पानी लोग भरकर पीने के लिए रखते है। जिसे साफ करके पीने में इस्तेमाल करते है।
लोगों का कहना है कि पाइप लाइन बनवाने के लिए कई बार विभागीय अधिकारियों को कहा गया, मगर आज तक टूटी लाइन नहीं बनाई गई है। मोहल्ले के मोतीलाल बोरिया, पूरन पटेल, राम नारायण, मइयादीन पटेल, सुरेश कुमार बोरिया, लक्ष्मी प्रसाद ने बताया कि सभी लोग समय से बिल का भुगतान करते हैं। इसके बाद भी दो साल से पाइप लाइन नहीं जोड़ी गई है और प्रतिदिन हजारों लीटर पानी की बर्बादी होती है। मजबूरी में वही गंदा पानी पीना पड़ता है। जिससे बच्चे बीमार हो रहे है। इस मामले में जल संस्थान के जेई आरके पांडेय ने बताया कि उनकी जानकारी में मामला नहीं है। अब जानकारी हुई है तो इसे जल्द टूटी वाटर लाइन बनवाई जाएगी।