कानपुर के पास पुखरायां रेल हादसे के बाद उत्तर मध्य रेलवे अधिक सतर्क हो गया है। इसका नतीजा है कि शुक्रवार को उमरे के चीफ सेफ्टी आफिसर ने स्पेशल ट्रेन से इलाहाबाद से लेकर बांदा रेलमार्ग की पटरी व सिग्नल का स्थलीय निरीक्षण किया।
उमरे के सीएसओ एमपी सिंह व उनकी टीम इलाहाबाद से स्पेशल ट्रेन से बुंदेलखंड के स्टेशनों का निरीक्षण करने निकले। बरगढ़ व डभौरा के बाद मानिकपुर जंक्शन पहुंचे तो सभी अधिकारी एलर्ट हो गए। टीम ने सबसे पहले चारों प्लेटफार्म की ओर आने वाले सिग्नल की जांच की। इसके बाद ट्रेनों के पटरी बदलने वाले स्थानों का बारीकी से निरीक्षण किया।
रेल लाइन के दोहरीकरण का काम पूरा हो चुका है लेकिन कई स्थानों पर रुककर अधिकारियों को बताया कि यहां पटरी कुछ कमजोर लग रही है। इसकी मरम्मत कराई जाए। इसके बाद वह बहिलपुरवा,ओहन, खोह होते हुए मुख्यालय पहुंचे। पहले तो ट्रेन पर बैठे ही बैठे रेल लाइन व अन्य का निरीक्षण किया।
इसके बाद रेलवे क्रासिंग तक पैदल पटरी पर चलते हुए ज्वाइंट व सिग्नल प्वाइंट की जांच की। इसी क्रम में शिवरामपुर, भरतकूप होते हुए बांदा की ओर रवाना हो गए। उनके साथ चीफ इंजीनियर सत्यप्रकाश, पीके ओझा और एके मिश्रा आदि मौजूद रहे।