चित्रकूट। भगवान कामदगिरी की तलहटी में आयोजित श्रीराम कथा के सातवें दिन सोमवार को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने भरत चरित्र की कथा सुनाई। कथा सुनाते हुए जगद्गुरु ने कहा कि संसार में भरत जैसा कोई भाई नहीं है।
भरत शब्द के भ का अर्थ भक्ति, र का अर्थ रस और त का अर्थ तत्व है। जहां पर भक्ति रूपी गंगा, प्रेम रस रूपी संगम स्थल हो, उस मूर्तिमान को प्रयाग कहते हैं। इसलिए भरत को प्रयाग भी कहा गया है। रामचरितमानस के अयोध्या कांड में 222 वें दोहे की पंक्ति में इसका उल्लेख किया गया है।
भरत चरित्र की कथा सुनकर भक्तों के नेत्र अश्रुपूरित हो गए। पीआरओ एसपी मिश्रा ने बताया कि 19 जनवरी को कथा में प्रसिद्ध भोजपुरी अभिनेता व गायक मनोज तिवारी अपनी प्रस्तुति दोपहर 12 बजे से देंगे।
इस मौके पर यजमान नीलेश मोहता धर्म पत्नी प्रीति मोहता, कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, आर पी मिश्रा, डॉ. महेंद्र कुमार उपाध्याय, डॉ. सचिन उपाध्याय, डॉ. मनोज पांडेय, हिमांशु त्रिपाठी, प्राचार्या निर्मला वैष्णव, महेंद्र कुमार तिवारी, गंगा पांडेय, रामसेवक राय, केके त्रिपाठी, विजय श्रीवास्तव, विनोद चौबे, त्रिभुवन यादव, महिमा पांडेय, राजेंद्र त्रिपाठी व दिनेश द्विवेदी मौजूद रहे।