लगातार हो रही बारिश से आम जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कच्चे घरों में रहने वालों की तो जैसे शामत आ गई है। 48 घंटे के अंदर जिले भर में चार दर्जन से अधिक घर ढह गए। कहीं कच्ची दीवार ढही तो कहीं पूरा मकान ही गिर गया। ढहे मकान के मलबे में दबकर एक महिला की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार भरतकूप चौकी क्षेत्र के कोल्हौंआ के मजरा भगवतपुर की गिरजा देवी (55) पत्नी मैकालाल गुरुवार रात गांव के कच्चे मकान में अकेले सो रही थी। अन्य परिजन पुरवा में बने घर में सोए थे। देर रात को अचानक पूरा मकान ढह गया और महिला मलबे में दब गई।
शुक्रवार सुबह ग्रामीणों ने ढहा मकान देखा तो परिजनों को सूचना दी। लगभग आधे घंटे मलबा हटाने के बाद महिला कौ शव मिट्टी में दबा मिला। घटना की जानकारी होने पर नायब तहसीलदार हर्षवर्धन सिंह चौकी प्रभारी मो.अकरम के साथ गांव पहुंचे और घटना की जानकारी ली। मृतका का पति किसान हैं और उसका एक पुत्र मेवालाल है।
इसके अलावा राजापुर, मऊ, मानिकपुर, शिवरामपुर, बरगढ़, सरैंया, रामनगर, छीबों कई स्थानों पर कच्चे मकान गिरे। सर्वाधिक नुकसान सदर ब्लाक क्षेत्र के बरमपुर रानीपुर खाकी गांव में हुआ। जहां राजाराम पुत्र रामप्यारे, श्यामबहादुर पुत्र दुर्गा प्रसाद, अयोध्या प्रसाद पुत्र रामप्यारे, सुंदरिया पत्नी सुंदर, मोहन पुत्र जीवन, दिनेश पुत्र रामसुमेर, अर्जुन पुत्र बाबूलाल,
रामकिशोर पुत्र भोलाराम, अमित पुत्र नत्थू, चौधरी पुत्र लुसरा, राजेंद्र पुत्र रामनाथ, राजेंद्र पुत्र रामऔतार, रमेशचंद्र पुत्र भोलाराम, टेढीदेवी पत्नी हनुमान, छोटेलाल पुत्र रामदेव, राजकुमार पुत्र ओमप्रकाश, भोला पुत्र गिरिजा प्रसाद, राजकुमार पुत्र ननकू व राजकुमार पुत्र महावीर के मकान गिर गए। जिसमें कुल मिलाकर लगभग पंद्रह लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ। प्रधान सीतादेवी ने बताया कि 48 घंटे के अंदर ही इतने मकान गिरे हैं। इसकी जानकारी उच्चाधिकारियों को दी जा रही है।