एक सप्ताह तक झेलना होगा पेयजल संकट
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जिले में पानी संकट गहराता जा रहा है। सूखे की विभीषिका झेल रहे जिले में गर्मी के दिनों में जलसंकट की स्थिति और गंभीर होने की संभावना है। पाठा क्षेत्र की हालत सर्वाधिक खराब है। कम बारिश से जल स्तर इतना नीचे हो गया है कि रामनगर, मानिकपुर और सदर ब्लाक क्षेत्र में तो दो सौ फीट में लगे हैंडपंप ही पानी दे पा रहे हैं।
अधिकारियों की माने तो बारिश न होने से जलस्तर करीब बारह फीट तक नीचे जा चुका है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी जलसंकट से निपटने को बुंदेलखंड में 200 करोड़ दिए हैं। जल निगम ने जिले के 90 गांवों को टैंकर से जलापूर्ति के लिए चयनित किया है।
करीब दस लाख की आबादी वाले जिले में पानी की समस्या दशकों पुरानी है। पाठा, मानिकपुर, बरगढ़, भरतकूप, रामनगर व सदर क्षेत्र में जल स्तर नीचे जा रहा है। पांचों ब्लाक में पेयजल संकट गहरा गया है। अप्रैल की शुरुआत में ही गांव-गांव से लोग मुख्यालय आकर अधिकारियों से पानी की मांग कर रहे हैं। अभी तक किसान मुआवजा की मांग कर रहा था लेकिन अब गर्मी बढ़ते ही पेयजल की भी समस्या लेकर मुख्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर है।
जलनिगम के अनुसार, सदर ब्लाक कर्वी का जलस्तर लगभग 12 फुट नीचे गया है। मानिकपुर ब्लाक की हालत और बिगड़ती जा रही है। पाठा के जंगलाें के आस पास रहने वालों की मानें तो अब हैंडपंप भी पानी देना बंद कर चुके हैं। पहाड़ी, मऊ व रामनगर ब्लाक क्षेत्र में भी जल स्तर नीचे जाने से बोरिंग अति महंगी और कठिन हो गई है।