मऊ (चित्रकूट)। मऊ -परदवां मार्ग में छोटे पुल का निर्माण किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीणों के निकलने के लिए अस्थायी मार्ग बनाया गया था। जो बारिश अधिक होने से बह गया। इससे दस से अधिक गांव के ग्रामीणों को तीन किमी दूर रास्ते से होकर निकलना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिर्फ मिट्टी से अस्थायी रास्ता बनाया गया था। जो बारिश में बह गया।
मऊ क्षेत्र में रास्ते में जल भराव की समस्या से निपटने के लिए चार छोटे पुलों का निर्माण अलग अलग स्थानों में किया जा रहा है। इसमें मऊ परदवां संपर्क मार्ग में भी पुल बनाया जा रहा है। जहां से ग्रामीणों के निकलने के लिए अस्थायी रास्ता मिट्टी डाल कर बनाया गया था। बारिश होते ही रास्ता बह गया। इससे ग्रामीणों का आवागमन बंद हो गया। दस गांव के ग्रामीण प्रभावित हैं। इसमें पूरब पताई, गढ़वा, मनकुवार, परदवां, घुरेटा, कोटरा, लोसन का पुरवा, आदि गांव आते हैं। परदवां गांव के ग्रामीण राजेश सिंह, सुरेश प्रसाद ने बताया कि बारिश अधिक होने पर टिकरा व यमुना नदी का पानी रास्ते में भर जाता है। इसके लिए छोटे पुल का निर्माण किया जा रहा है। पुल बनाने के पहले अच्छी तरह से तैयारी नहीं की गई। जल्द बाजी में ग्रामीणों के लिए अस्थायी रास्ता का निर्माण कर दिया गया। इसका नतीजा हुआ कि बारिश अधिक होने से रास्ता बह गया। अब ग्रामीणों का आवागमन इस रास्ते से बंद हो गया। मजबूरी में तीन किमी दूर से आना जाना पड़ता है।
इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता नीरज सक्सेना ने बताया कि पुल के बनने की मियाद मार्च 2026 तक है। वैकल्पिक संपर्क मार्ग के बह जाने का संज्ञान लिया गया है। मार्गों को दुरूस्त कराए जाने का प्रयास किया जा रहा है। संवाद