श्रीराम प्रकृटोत्सव में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
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चित्रकूट। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में अयोध्या की तर्ज पर नवरात्र में प्राकट्य उत्सव का आयोजन राघप्रयाग घाट पर शुरू है। इसमें दूसरे दिन कलाकारों ने अहिल्या उद्धार, गौरी पूजा व धनुष यज्ञ की लीलाएं प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। भजनों के माध्यम से भी भक्ति के सागर में गोते लगवाए।
कार्यक्रम में दिल्ली से आई शिव कीर्ति कला केंद्र की टीम ने रामलीला प्रस्तुत की। जिसमें शंकर पार्वती संवादअहिल्या उद्धार, गौरी पूजा व धनुष यज्ञ की लीलाओं का मंचन किया गया। लीला में दिखाया कि गौतम ऋषि के श्राप से उनकी पत्नी अहिल्या पत्थर की शिला हो गई।
जिसको भगवान श्रीराम ने वनगमन के समय श्राप से मुक्त कर दिया। माता सीता की गौरी पूजा की सुंदर लीला सहित धनुष यज्ञ का आयोजन किया गया। भगवान श्रीराम व माता सीता विवाह का आकर्षक मंचन किया गया। इस मौके पर दीनदयाल शोध संस्थान के संगठन सचिव अभय महाजन, सांसद गणेश सिंह सतना आदि मौजूद रहे।
लीला में मंचन करते भगवान शंकर व पार्वती। संवाद- फोटो : CHITRAKOOT