अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिले की सीमा से सटे जानकीकुंड से दिनदहाड़े अपहृत तेल उद्यमी के जुड़वा पुत्रों की पुलिस छह दिन बाद भी परछाई तक नहीं देख पाई है। दो राज्यों की पुलिस टीमों के कई अधिकारी तो बैठक में अपना माथा पकड़कर बैठ जाते हैं। परिजनों का हाल बेहाल है। गोपनीय सूचनाएं और मंदिर मस्जिद में प्रार्थना का दौर जारी है। अपहरण के बाद संबंधित परिवार के बारे में पूरी डिटेल एकत्र कर एक सैकड़ा लोगों को पकड़कर पूछताछ की गई। इनके मोबाइल नंबर को सर्विलांस में लगाकर कुछ सुराग ढूंढे जा रहे हैं।
मंगलवार की दोपहर सदगुरु पब्लिक स्कूल से छुट्टी के दौरान नकाबपोश बदमाशों ने पिस्टल की नोक पर चलती बस से जुड़वा भाईयों को अगवा कर लिया था। अपहृत मासूमों की मां की आंखें पथरा गई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के रामघाट निवासी तेल उद्यमी बृजेश रावत का परिवार अपहृत जुड़वा बेटों प्रियांश व श्रेयांश की एक झलक पाने को लालायित है। स्थानीय लोग अपहृत मासूमों के लिए दुआएं कर मंदिरों में भी पूजा पाठ कर रहे हैं। जनप्रतिनिधि समेत पुलिस उच्चाधिकारी परिजनों को ढाढ़स बंधा रहे हैं। दो राज्यों की पुलिस लगातार अपहर्ताओं की तलाश में तन्मयता के साथ जुटी है। सुराग देने वालों को दो लाख साठ हजार रुपये इनाम की भी घोषणा हो चुकी है।
गृहमंत्री को भेजा पत्र
चित्रकूट। बुंदेेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने गृहमंत्री राजनाथ सिंह को भेजे पत्र में कहा कि दो बच्चों का अपहरण मामले में कोई सफलता नहीं मिल रही है। दोनों प्रदेशों की पुलिस निरंतर प्रयासरत है। परिवार दहशत में है। पत्र में सकुशल अपहृतों को मुक्त कराने की मांग की है।
घटना को लेकर तरह-तरह की हो रही चर्चा
चित्रकूट। छह दिन बाद अब तो लोग तरह-तरह की चर्चाएं करने लगे हैं। जिसमें सबसे पहले यही बात सामने आई कि अपहरणकर्ताओं ने तेल उद्यमी के रिश्तेदार के माध्यम से मोटी रकम की फिरौती मांगी है लेकिन पुलिस के दबाव के कारण वह सही स्थान समय तक कार्य पूरा नहीं हो पा रहा है। हालांकि परिजन व पुलिस अधिकारी फिरौती मांगे जाने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका मात्र से पुलिस प्रशासन व परिजन के हाथपांव फूलते नजर आ रहे हैं।
एक ऑडियो हुआ वायरल
चित्रकूट। मासूमों के अपहरण मामले में रविवार को एक ऑडियो वायरल हुआ है जिसमें कुछ लोगों ने बाइक से अपहरणकर्ताओं को दो बालकों को ले जाते देखा है। पीछा करने पर तमंचे दिखाकर धमकी भी दी थी। जानकीकुंड निवासी एक युवक ने बातचीत में बताया कि एक बाइक में दो नकाबपोश रघुवीर मंदिर के सामने से कामतानाथ प्रमुख द्वार की ओर जाने वाले मार्ग के बाई पास मार्ग से गुजरे। जिसमें एक रास्ता रजौला मोहकमगढ़ व दूसरा आरोग्यधाम के सामने निकलता है। उसने शक होने पर अपहरणकर्ताओं का पीछा किया था लेकिन कुछ दूर बाद वह नहीं दिखे।
किसी दूसरे वाहन में किया शिफ्ट
खोही। अपहरण मामले में आशंका जताई गई है कि बाइक सवारों ने कुछ दूर जाकर अपहृत जुड़वा बच्चों को किसी चार पहिया वाहन में शिफ्ट कर दिया होगा। इसके बाद वह दूसरे रास्ते चले गए। रींवा आईजी चंचल शेखर ने बताया कि नकाबपोशों के स्क्रैच बनाकर उनके जाने वाले रास्ते पर कई बार तफ्तीश की जा रही है। आसपास के कुएं तालाब व कुछ पुरवा के घरों में भी तलाशी ली गई है।
एसटीएफ खंगाल रही रिकार्ड
खोही। लखनऊ व जबलपुर की एसटीएफ व गुप्तचर एजेंसी के जवान अपहृतों की सकुशल रिहाई के लिए साक्ष्य एकत्र करने में जुटी है। पूरी टीम अपहरण के पीछे कारण व्यावसायिक प्रतिस्पर्धा, रंजिश, फिरौती या अन्य की खोजबीन कर रही है। आसपास के कई हिस्ट्रीशीटर व दबंगों के रिकार्ड को खंगालकर उन पर नजर रखी जा रही है।