फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Chitrakoot News: छीने मोबाइल से खुला अपहरण का राज, मददगारों की तलाश

Fri, 23 Jan 2026 11:49 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
विज्ञापन
विज्ञापन
बरगढ़। छीने गए एक मोबाइल फोन ने आयुष केसरवानी के अपहरण और फिरौती मांगने की घटना का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने सर्विलांस की मदद से घटना में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की पड़ताल की तो सिम बरगढ़ कस्बा निवासी नत्थू द्वारा इस्तेमाल किए जाने की जानकारी हुई। पूछताछ में नत्थू ने बताया कि उसका मोबाइल दो दिन पहले ही छीना गया था।
विज्ञापन

नत्थू ने पुलिस को बताया कि छीने गए मोबाइल में एक सिम उसकी बेटी के नाम पर था और दूसरा सिम उसकी दुकान में काम करने वाले नौकर की मां के नाम पर था। उसने यह भी बताया कि बृहस्पतिवार को ही उसने अपनी बेटी के नाम वाला सिम संजय केसरवानी की दुकान से नया निकलवाया था और साथ में 12 सौ रुपये में एक नया मोबाइल भी खरीदा था। हालांकि, दूसरा सिम नहीं निकल पाया था। जिसका बदमाशों ने फिरौती मांगने में इस्तेमाल किया।

घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया और सिम के मालिक का पता लगाया। नत्थू की जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि इरफान और उसके कर्मचारी के अलावा कुछ और लोग भी इनके मददगार रहे हैं। हालांकि अब तक मददगारों तक पुलिस नहीं पहुंच पाई है। वहीं नत्थू के बारे में छानबीन करने पर उसके शराब का लती होने का पता चला है। पुलिस ने नत्थू को अभी क्लीनचिट नहीं दी है।
विज्ञापन



अपहरण व हत्या के आरोपी कल्लू एनकाउंटर में ढेर, कई मामलों में था वांछित

संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कपड़ा व्यापारी अशोक केसरवानी के बेटे आयुष केसरवानी के अपहरण और हत्या के मामले में वांछित कल्लू को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया है। कल्लू के खिलाफ प्रयागराज के घूरपुर और पीलीभीत के थानों में कई गंभीर मामले दर्ज थे।
प्रयागराज के घूरपुर थाने में कल्लू के खिलाफ वर्ष 2020 में मारपीट के दौरान हत्या, छेड़खानी और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित तीन प्राथमिकी दर्ज थीं। इसके अलावा, पीलीभीत के सदर कोतवाली में भी उसके खिलाफ एक मुकदमा दर्ज था। इन गंभीर अपराधों के कारण ही उसके पिता मकसूद ने उसे इरफान के पास काम के लिए भेजा था लेकिन वहां भी उसने एक किशोर का अपहरण कर हत्या की वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि कल्लू ने अपने हर मामले में अलग-अलग पते और नाम दर्ज कराए थे। एक मामले में वह साहबे अमन उर्फ छोटका, दूसरे में साहबे आलम और तीसरे में छोटू उर्फ साहबे इमाम के नाम से जाना जाता था। इस तरह वह पुलिस को चकमा देने की कोशिश करता रहा।

इरफान के साथ रिश्तेदारों का ठिकाना बना बरगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। आयुष केसरवानी के अपहरण और हत्या मामले में मुख्य आरोपी इरफान के भाई नौशाद ने बरगढ़ को अपना ठिकाना बना लिया है। नौशाद कई वर्षों से बरगढ़ में रहकर चूड़ी और विसात खाने की दुकान चला रहा है। इस तरह, मुख्य आरोपी के परिवार के सदस्य भी इस क्षेत्र में अपनी जड़ें जमा चुके हैं।
नौशाद के अलावा, इरफान का बहनोई शानू भी बरगढ़ में सक्रिय है। शानू एक वाहन चालक के तौर पर काम करता है और बरगढ़ के एक निजी अस्पताल में एंबुलेंस के साथ-साथ अस्पताल मालिक की कार भी चलाता है। नौशाद ने अपने ही गांव के निवासी कल्लू को भी अपनी दुकान में काम पर रखा हुआ है।

-

आयुष की मां की अनुपस्थिति में हुई बेटे की हत्या, प्रयागराज से लौटी तो उजड़ा घर

संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। तीन दिन पूर्व घर से दूर प्रयागराज में स्नान और रिश्तेदारी में गईं आयुष केसरवानी की मां आरती केसरवानी जब शुक्रवार की सुबह बरगढ़ पहुंचीं तो उनके सामने एक भयावह मंजर था। घर पर छोटे बेटे आयुष की अपहरण के बाद हत्या की खबर ने उन्हें तोड़ दिया। सूचना मिलते ही वे रो-रोकर बेहाल हो गईं और बार-बार यही कहती रहीं कि उन्हें क्या पता था कि उनके न रहने पर उनके छोटे बेटे के साथ ऐसी अनहोनी हो जाएगी। इस सदमे से वे बार-बार बेहोश हो जा रही थीं।
आयुष के चाचा आशीष ने बताया कि घटना के दिन एक अनजान व्यक्ति ने फोन कर आयुष के अपहरण की सूचना दी थी और फिरौती की मांग की थी। पिता ने तुरंत पुलिस को सूचित कर दिया था। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आयुष की तलाश शुरू कर दी थी, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। पुलिस को आयुष का शव बरामद हुआ, जिससे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
विज्ञापन


-
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें