पंद्रह जनवरी के बाद अचानक पलटी ठंड ने दो दिन में ही लोगों को बेहाल कर दिया। सोमवार को ठंड से दिनभर लोग कंपकंपाते नजर आए। इतना ही नही ट्रेनों और बसों की रफ्तार कोहरे ने थाम दी। दिनभर सूरज के दर्शन नहीं हुए।
बच्चे ठंड में ठिठुरते हुए स्कूल पहुंचे। वहीं आफिस, दुकान, बाजार, खेत व खलिहान जाने के लिए लोग कतराते रहे। कुछ बच्चे व बुजुर्ग घरों में रजाई में ही दुबके रहे। दिन भर लोगों को गलन परेशान किए रही। बाजार, मुख्य मार्ग और गली-मोहल्लों में भी कई जगह लोग अलाव तापते नजर आए।
नगर में चाय की दुकानों पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। लोग अंगीठी के खुद को गर्म करते रहे। उधर मानिकपुर, पहाड़ी, मऊ, राजापुर, शिवरामपुर, भरतकूप आदि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग ठंड से बेहाल रहे। लोग हिम्मत करके सुबह 11 बजे के बाद ही खेत में काम करने पहुंचे।
दो दिन से लगातार ठंड पड़ रही है। जनजीवन बेहाल है। इसके बाद भी विभाग आंख बंद किए है। अलाव जलाने के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। धर्मनगरी चित्रकूट क्षेत्र के रामघाट, बस स्टैंड, परिक्रमा मार्ग, रेलवे स्टेशन पर गरीब तबके के लोग व बाहर से आए तीर्थयात्री इस ठंड में कूड़ा और पन्नी जलाकर खुद को राहत देने में लगे है। वहीं विभाग अलाव की लकड़ी की व्यवस्था नहीं कर रहा है।