चित्रकूट/खोही। मध्य प्रदेश के चित्रकूट स्थित नया गांव नगर पंचायत स्थित वार्ड-15 के थरपहाड़ तक सड़क नहीं बनने से दो किलोमीटर तक शव चारपाई पर रखकर परिजनों को ले जाना पड़ा। शासन प्रशासन की लापरवाही का आलम यह है कि इस सड़क को बनाने के लिए छह वर्ष पूर्व योजना स्वीकृत हुई थी, लेकिन अभी तक सड़क नहीं बनी।
थरपहाड़ निवासी रामचरण (18) राजस्थान के जयपुर में क्रशर पर नौकरी करता था। वहां करंट की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई। शनिवार की शाम उसका शव लेकर परिजन एंबुलेंस से पहुंचे। मुख्य मार्ग से गांव की बस्ती तक सड़क न होने से दो किलोमीटर पहले ही शव उतारना पड़ा। इसके बाद परिजन चारपाई पर रखकर कंधे से शव घर ले गए।
वार्ड-15 के सभासद के प्रतिनिधि सुरेंद्र यादव ने बताया कि सड़क का कार्य छह साल पहले शुरु हुआ था, लेकिन पूरा अभी तक नहीं हुआ। इसे लेकर कई बार आंदोलन भी हुए, लेकिन अभी तक नहीं बनी।
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कई बार शर्मशार कर चुके ऐसे नजारे
कई बार ऐसे नजारे मानवता को शर्मसार कर चुके हैं। थरपहाड़ के पास 100 से अधिक परिवार रहते हैं। मार्च में आदिवासी प्रसूता संगीता मवासी को कपड़ों की झोली मेें लेकर अस्पताल तक गए थे। उसकी डिलीवरी उबड़ खाबड़ रास्ते में ही हो गई थी। ऐसे नजरे यहां आम हैं।
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सड़क बनाने केे लिए भेजा है प्रस्ताव
नगर पंचायत नया गांव चित्रकूट के अधिशासी अधिकारी विशाल सिंह ने बताया कि थरपहाड़ की सड़क निर्माणाधीन है। हमें ग्रामीणों की तकलीफ का एहसास है। सड़क बनाने के लिए डीपीआर तैयार कर शासन को भेजा है। स्वीकृत मिलते ही सड़क का निर्माण कराया जाएगा।