बनारस से मुंबई जा रही महानगरी एक्सप्रेस के एस-थ्री बोगी के टायलेट में गुरुवार शाम आरडीएक्स बम मिलने के मामले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) शुक्रवार रात यहां पहुंची। शनिवार को रेलवे बोर्ड के आईजी सुरक्षा, आरपीएफ के आईजी व आरपीएफ के कमांडेंट ने भी पड़ताल की। एनआईए टीम अपने साथ बम के अवशेष ले गई है। दूसरी ओर रेलवे अधिकारियों ने आशंका जताई कि ट्रेन में बम बनारस से ही रखा गया होगा।
पंजाब के पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले की जांच कर रही राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की तीन सदस्यीय टीम शुक्रवार रात 10 बजे आरएन पांडेय के नेतृत्व में मानिकपुर जंक्शन पहुंची। टीम ने सबसे पहले उस स्थान को देखा, जहां विस्फोट करके बम को निष्क्रिय किया गया था। यहां से बम के अवशेष एकत्र किए। फिर रेलवे के अधिकारियों से बातचीत के बाद टीम दिल्ली रवाना हो गई। टीम प्रभारी ने मीडिया से सिर्फ इतना कहा कि ट्रेन में बम रखने के मकसद के बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
शनिवार सुबह दिल्ली रेलवे बोर्ड के आईजी सुरक्षा निर्मल सिंह, इलाहाबाद आरपीएफ के आईजी एनके सक्सेना व आरपीएफ के कमांडेंट आशीष मिश्रा मानिकपुर जंक्शन पहुंचे। तीनों अधिकारी बम निष्क्रिय करने वाले स्थान पर गए। इसके बाद आरपीएफ व जीआरपी के अधिकारियों से पूछताछ की। रेलवे के कई अधिकारियों, कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए। तीनों अधिकारियों ने माना कि बम जिंदा था लेकिन टाइमर के तार हटे होने से विस्फोट नहीं हुआ। तार जानबूझकर हटाया गया या धोखे से हटा, फिलहाल यह साफ नहीं हुआ है लेकिन आशंका है कि बम वाराणसी क्षेत्र से ही रखा गया था। इसके बाद तीनों अधिकारी चले गए।