फोटो न- 18 सीकेटीपी 57 धनुष चौराहा पर खड़े दिहाड़ी श्रमिक। संवाद
- फोटो : बदला-नानपारा मार्ग पर स्थित क्लीनिक की जांच करते अधीक्षक।
चित्रकूट। धनुष चौराहे पर बड़ी संख्या में दिहाड़ी मजदूर हर मौसम में खुले आसमान तले काम की तलाश में खड़े रहते हैं। वर्तमान में 46 डिग्री तापमान के कारण उनकी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। इन श्रमिकों के लिए कहीं भी स्थायी इंतजाम नहीं है। छाया और पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं तो बहुत दूर की बात है।
रामनरेश जैसे कई मजदूर रोजाना अपने गांवों से काम की तलाश में शहर आते हैं। घंटों इंतजार के बाद भी काम मिलना अनिश्चित होता है, जिससे उन्हें अक्सर निराशा के साथ घर लौटना पड़ता है। शहर के झांसी-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क किनारे खड़े होकर काम तलाशना उनकी मजबूरी है, क्योंकि उनके लिए कोई स्थायी और सुरक्षित जगह उपलब्ध नहीं है। विशाल और मोहन जैसे श्रमिकों ने बताया कि वे कई सालों से इस स्थान पर खड़े होते हैं और तेज धूप में तीन घंटे से अधिक समय तक इंतजार करना पड़ता है।
श्रमिकों के बैठने के लिए उपयुक्त स्थान की तलाश की जा रही है। उन्होंने श्रमिकों से सड़क किनारे खड़े होने से बचने का आग्रह किया। शहर में फिलहाल कई स्थानों पर उनके बैठने के लिए जगह उपलब्ध है।
लालजी यादव, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका