रोडवेज में परिचालक पद पर कार्यरत रहे संविदाकर्मी ने
मुख्यमंत्री, परिवहन आयुक्त, आरएम सहित कई अधिकारियों को पत्र भेजा है।
इसमें कहा कि बिना नोटिस उसकी संविदा समाप्त कर दी गई। है। आरोप लगाया कि
एक रोडवेजकर्मी से उसके परिवार की खुन्नस है, इसी वजह से उसके कहने पर ऐसा
किया गया है।
बांदा डिपो में कार्यरत रहे संविदा कर्मी विमल
केशरवानी ने मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में बताया है कि वह 2006 से संविदा
पर परिचालक है। उसके परिवार की रोडवेज के कर्मचारी सुधीर कुमार सोनी से
व्यक्तिगत रंजिश है। यह कर्मचारी आए दिन उसको प्रताड़ित कर नौकरी से हटवा
देने की धमकी देता है।
23 जनवरी को वह बस लेकर जा रहा था। रास्ते
में सोनी दो अन्य लोगों के साथ पहुंचा और बस रुकवाई। बताया कि वह टिकट बना
रहा था पर इन लोगों ने उसका बेविल छीन लिया और कहा कि दो सवारियां बिना
टिकट हैं। आरोप लगाया कि उससे पैसे की मांग की गई।
असमर्थता जताने
पर अभद्रता की गई। उसने इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की पर सुनवाई नहीं
हुई। सुधीर ने उसे नौकरी से निकलवाने की धमकी दी। उसका कहना है कि अब न तो
उसे कोई नोटिस दी गई है और न उसकी ड्यूटी लगाई जा रही है।
मौखिक
रूप से कहा गया कि उसकी संविदा समाप्त कर दी गई है। उधर, इस संबंध में
सुधीर सोनी का कहना है कि मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है। आरोप गलत
हैं। एआरएम बांदा महेश कुमार ने कहा कि उच्चाधिकारियों से इस मामले में बात
करिये। उधर, आरएम रामजीत वर्मा का कहना था कि वे बाहर हैं लौटने पर ही कुछ
बता पाएंगे।