पाठा क्षेत्र में डकैतों की जमात में एक नया गैंग
शामिल हो गया है। जिसका नाम मर्द गैंग है। मारे गए साढ़े छह लाख के ईनामी
डाकू बलखड़िया के भतीजे कमलेश पटेल ने यह गैंग तैयार किया है।
जिले के
सीमावर्ती क्षेत्र में एक सप्ताह के अंदर तीन बड़ी वारदात को अंजाम देकर यह
सरगना दस हजार का इनामी बन गया है। इस गैंग के सभी सदस्यों पर दस-दस हजार
के इनाम घोषित हो गए हैं।
साढे़ छह लाख के इनामी कुख्यात बलखड़िया उर्फ
सुदेश पटेल व पचास हजार के इनामी चुन्नी पटेल की मौत के बाद माना जा रहा था
कि पाठा क्षेत्र में चालीस वर्षों से एक बिरादरी के डकैत सरगनाओं का समय
समाप्त हो गया। इसके पूर्व ही कुख्यात ददुआ, ठोकिया व रागिया जैसे सरगना की
मौत हो चुकी है।
पाठा क्षेत्र में अभी तक बबुली कोल व गौरी यादव गैंग ही
बचे थे, लेकिन इधर एक माह से लगातार भरतकूप, शिवरामपुर व पाठा क्षेत्र के
मध्यप्रदेश सीमावर्ती गांवों में दहशत फैलाने वाले इस नवोदित गैंग ने पुलिस
को सीधी चुनौती दी है। इस नए गैंग का सरगना बलखड़िया का भतीजा है।
इसे
गैंग के साथी मर्द के नाम से बुलाते है। इसकी पुष्टि सतना पुलिस अधीक्षक
संजय सिंह ने की है। इसी गैंग ने आठ दिन पहले तीर्थयात्रियों से भरी बस पर
फायरिंग कर मैनेजर व खलासी को पीट लूटपाट की थी। दो दिन पहले थरपहाड़ गांव
से तीन का अपहरण किया था।
जिसमें दो तो छूट गए लेकिन हनुमान गोड़ का कुछ
पता नहीं चल सका है। बेखौफ गैंग ने बीती रात फिर बगदरा घाटी में कार में
ताबड़तोड़ फायरिंग की। इससे एक की जान चली गई। जबकि दूसरा घायल चिकित्सालय
में है।
कमलेश पटेल की उम्र लगभग 37 वर्ष है। पुलिस
अधिकारियों ने माना है कि यह डाकू बलखड़िया का भतीजा है। डाकू रागिया के
साथ बिछियन में हुए सामूहिक नरसंहार में यह भी शामिल था।
सतना एसपी के
अनुसार जेल से छूटने के बाद उसने जंगल की राह पकड़ी है। इस नवोदित गैंग में
पांच सक्रिय सदस्य हैं जबकि चार अस्थाई सदस्य बताए गए हैं। गैंग के पास एक
देशी रायफल, दो दोनाली बंदूक व तीन सिंगल बैरल बंदूक के साथ एक सैकड़ा
कारतूस का स्टाक बताया गया है। यह आंकडे़ पुलिस सूत्र के हैं।