रामघाट की सफाई के लिए पाइप लाइन बिछाते कर्मचारी
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मध्य प्रदेश क्षेत्र सहित जिले में पहाड़ों वाले क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उफनाई मंदाकिनी का वेग दो दिनों से शांत है। मंदाकिनी में उफान आने से रामघाट के आसपास करीब 500 दुकानों में पानी भर गया था।
जिससे काफी सामान बह गया था। उफान शांत होने पर जब दुकानों से पानी निकला तो दुकानदार बची हुई सामग्री सहेजने में जुटे है। कुछ दुकानदारों ने दुकानें भी लगा ली हैं। उधर नगर पालिका के कर्मचारी रामघाट की सीढ़ियों पर जमा मिट्टी व गंदगी हटाने में जुटे हैं। छह जुलाई की सुबह अचानक मंदाकिनी समेत आसपास की नदियों में बारिश के पानी से उफान आ गया था।
जिसमें लगभग 500 घर व दुकानों में पानी भर गया था। रामघाट की हालत यह थी कि लगभग 20 फुट ऊंचाई से पानी बह रहा था। इसके दूसरे दिन उफान शांत हुई और रामघाट के किनारे फैली गंदगी को हटाने का काम शुरू हुआ। शनिवार को लगभग आधा रामघाट साफ कर लिया गया और दुकानदार बची सामग्री को सहेजकर दुकान सजाने में लग गए हैं। नगर पालिका के आधा दर्जन से अधिक कर्मचारी सीढ़ियों पर जमा गंदगी व मिट्टी हटाकर पानी से धुलाई करते रहे। इसके बावजूद कई मार्ग पर मिट्टी जमा होने से आवागमन प्रभावित है।
दो दिनों से बारिश तो नहीं हुई है, लेकिन मध्य प्रदेश क्षेत्र में लगातार बाढ़ के हालात देखते हुए जिला प्रशासन ने रामघाट व नदी किनारे रहने वाले लोगों को सावधान किया है। गौरतलब है कि उसी क्षेत्र के पानी से मंदाकिनी उफनाई थी। अभी पड़ोसी जनपद बांदा की बागेन व केन नदी में बाढ़ के हालात मध्य प्रदेश क्षेत्र के पानी से ही आई है।