दूसरे दिन भी लगभग एक घंटे हुई झमाझम बारिश हुई। बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों में मवेशियों की पेयजल समस्या का समाधान तो हो गया, लेकिन शहर और कस्बों में जलभराव से आवागमन प्रभावित रहा। बारिश होने से किसानों को भी अगली फसल के उत्पादन संभावना दिखने लगी है। वहीं बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। बच्चों ने सड़क व गलियों में जमकर बारिश का आनंद लिया।
जिले के सभी क्षेत्रों में एक घंटे ही सही, लेकिन तेज बारिश हुई। रविवार की सुबह तेज धूप निकली। जिससे लोग उमस से बेहाल हो गए। मगर 11 बजे आसमान पर बादल छाने लगे, तेज हवा के बाद जमकर बारिश हुई। राहगीर बारिश से बचने के लिए पेड़ व दुकानों के बाहर खड़े हो गए, वहीं बच्चे घर से निकल कर सड़क पर आ गए। बारिश में उछलकूद मचाकर जमकर आनंद लिया। ग्रामीण क्षेत्रों में जहां पानी के लिए मवेशी परेशान थे।
रविवार को बरसात के बाद वह समस्या काफी हद तक खत्म हो गई। सड़क किनारे और छोटे तालाबों में काफी जलभराव होने से मवेशियों की पेयजल समस्या का समाधान हो गया। इसके साथ ही किसानों को भी उम्मीद है कि अब फसल का उत्पादन अच्छा होगा। वहीं बारिश ने मुख्यालय समेत कई कस्बों की समस्या भी बढ़ा दी है। बारिश का पानी सड़क पर भरा होने से जलभराव हो गया। भरतकूप व पहाड़ी में तो पानी दुकानों तक पहुंच गया। शहर के स्टेशन रोड़ तिराहे और सदर रोड तिराहे पर दिन भर बारिश का पानी भरा रहा।