प्रधान पद के चुनाव में सरैया ग्राम पंचायत से 19 प्रत्याशी भाग्य आजमा रहे हैं। जिसमें सभी वर्ग के प्रत्याशी शामिल हैं। लगभग साढे चार हजार मतदाता बुधवार को अपने मनपंसद प्रत्याशी का चयन करेंगे। शुरूआत से ही इस सीट को संवेदनशील माना जा रहा था।
यहां कोई दस्यु प्रभाव जैसी बात नहीं है फिर भी जातीय आंकड़ों के आधार पर इस सीट पर चुनावी घमासान हो रहा है। इस हंगामे के बाद प्रशासन की आंख खुली और अब भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दिया। जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने भी गांव में कैंप किया।
मतदान की पूर्व संध्या पर जब सभी प्रत्याशी मतदाताओं को लुभाने का पूरा जोर लगा रहे थे। तभी एक प्रत्याशी व सैकड़ों ग्रामीणों ने पुलिस चौकी आकर प्रभारी से दलित बस्ती में उनके स्वजातीय प्रत्याशी पर आचार संहिता का उल्लघंन करने की शिकायत की।
ग्रामीणों का कहना है कि लगभग एक सप्ताह से चौकी प्रभारी विशेष प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने में मदद कर रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर बार चौकी प्रभारी शिकायत को अनसुना कर विशेष प्रत्याशी का समर्थन करते थे।
मंगलवार को भी जब यही हुआ और दारोगा समेत पुलिस कर्मियों ने ग्रामीणों को गालियां देकर भगा दिया तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। पूरे मामले में चौकी प्रभारी प्रभुनाथ यादव आरोपों को गलत बता रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने को कदम उठाए गए। हंगामे के बाद सरैंया क्षेत्र छावनी बन गया है। जिलाधिकारी नीलम अहलावत व पुलिस अधीक्षक केके चौधरी ने चौकी प्रभारी समेत ग्रामीणों से बातचीत कर घटना की जानकारी ली।