चित्रकूट। पावन नगरी में बहने वाली पवित्र मंदाकिनी नदी अपने पौराणिक महत्व के लिए जानी जाती है। बावजूद इसके वर्तमान में यह नदी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, क्योंकि धर्मनगरी में काजी, शहीद बाबा और इस्लामिया नालों से प्रतिदिन लाखों लीटर सीवर का पानी सीधे मंदाकिनी में समा रहा है, जिससे मंदाकिनी का जल तो दूषित हो रहा है। साथ ही श्रद्धालुओं की आस्था पर गहरी चोट भी पहुंच रही है। इससे स्थानीय लोग चिंतित हैं और नालों से उठने वाली गंदगी व दुर्गंध से परेशान हैं।
काजी, शहीद बाबा और इस्लामिया नालों से प्रतिदिन करीब छह लाख लीटर सीवर का पानी मंदाकिनी में छोड़ा जा रहा है। इसके अतिरिक्त, रामघाट पर स्थित सरयू नाला और राजापुर मोड़ के पास बहने वाले ब्रह्मचर्य नाले से भी लगभग चार लाख लीटर सीवर का पानी नदी में मिल रहा है। यह स्थिति विशेष रूप से अमावस्या और दिवाली जैसे पर्वों पर चिंताजनक हो जाती है, जब लाखों श्रद्धालु रामघाट, भरत घाट और बाला घाट पर आस्था की डुबकी लगाने आते हैं।
इन नालों से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों का सीवर आता है, जिससे प्रदूषण का दायरा बढ़ जाता है। स्थानीय राममोहन पांडेय, राकेश सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में इन नालों का बहाव और भी बढ़ जाता है, जिससे प्रदूषण का स्तर और गंभीर हो जाता है। जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से इस समस्या के समाधान पर अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही है।
अधिवक्ता नीरु गुप्ता ने बताया कि मंदाकिनी से लोगों की आस्था जुड़ी है। इस नदी का लोग जल भी पीते हैं। लेकिन शहर के नालों का पानी इसमें समाकर दूषित कर रहा है। इसके निराकरण के लिए सरकार को ठोस उपाय करना चाहिए।
समाज सेवी अभिमन्यु सिंह ने बताया कि मंदाकिनी नदी में धर्मनगरी सहित शहर के कई नालों का पानी गिरता है। इसको बंद कराने के लिए उनके नेतृत्व में कई बार सत्याग्रह आंदोलन चलाया गया। इसके बाद भी नालों का गंदा पानी नदी में डाला जा रहा है। इस समस्या को दूर करने के लिए जिले के सभी राजनीतिक प्रतिनिधियों सहित अधिकारियों को सार्थक पहल करनी चाहिए।
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जल निगम के सहायक अभियंता एसके वर्मा ने बताया कि नालों को टैप करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा गया है। नालों की पहचान कर ली गई है और जल्द ही इस दिशा में कार्य शुरू किया जाएगा। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि यह कार्य कब तक पूरा होगा और मंदाकिनी को प्रदूषण से कब मुक्ति मिलेगी।
फोटो 01 सीकेटीपी-20 - रामघाट क्षेत्र में गिरता सरयू नाला। संवाद- फोटो : बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
फोटो 01 सीकेटीपी-20 - रामघाट क्षेत्र में गिरता सरयू नाला। संवाद- फोटो : बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
फोटो 01 सीकेटीपी-20 - रामघाट क्षेत्र में गिरता सरयू नाला। संवाद- फोटो : बोधि वृक्ष के नीचे भगवान बुद्ध की पूजा करते बौद्ध अनुयायी।