अशोह गांव के सिंघानिया तालाब के पास पहाड़ी-राजापुर मार्ग पर जाम लगाए खड़े ग्रामीण।
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प्रतिमा विसर्जन के दौरान ट्रैक्टर में सवार दो भाई एचटी लाइन की चपेट में आ गए। जिसमें एक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से झुलस गया। जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। नाराज ग्रामीणों ने बिजली विभाग की लापरवाही पर पहाड़ी-राजापुर मार्ग पर जाम लगा दिया। अधिकारियों ने मुआवजा व दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।
पहाड़ी थानाक्षेत्र के अशोह गांव के देवी पंडाल के आयोजक बुधवार दोपहर को मूर्ति विसर्जन करने के लिए ट्रैक्टर से सिंघानिया तालाब आए थे। ट्रैक्टर से मूर्ति उतारते समय श्रद्धालु जय-जयकार कर रहे थे। जैसे ही गांव के श्यामसुंदर (35) पुत्र रामखिलावन ने दोनों हाथ ऊपर उठाए, तो वह ऊपर से गुजरी हाईटेंशन लाइन की चपेट में आ गया।
करंट लगते ही मौजूद छोटे भाई संतोष ने बचाने का प्रयास किया तो वह भी करंट की चपेट में आ गया। इस दौरान ट्रैक्टर में सवार अन्य लोगाें में हड़कंप मच गया। किसी तरह ट्रैक्टर को आगे बढ़ाया गया और दोनों झुलसे भाइयों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां श्यामसुंदर की मौत हो गई।
इसकी जानकारी होते ही सिंघानिया तालाब के पास मौजूद ग्रामीणों में विद्युत विभाग को लेकर आक्रोश पनप गया और उन्होंने पहाड़ी-राजापुर मार्ग पर जाम लगा दिया। राजापुर एसडीएम रामसुख राम और सीओ बृजराज, थानाध्यक्ष रामेंद्र तिवारी के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार काफी नीचे से गुजरी एचटी लाइन को हटाने की मांग की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
आज हुई मौत के लिए बिजली विभाग के अधिकारियों पर रिपोर्ट दर्ज की जाए। जाम करीब एक घंटे तक लगा रहा। एसडीएम व सीओ ने मृतक के परिजनों को मुआवजा और दोषी पर कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। उधर, विद्युत विभाग के जेई शिवप्रसाद राही से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो मोबाइल स्विच ऑफ बताता रहा।
परिवार पर टूटा पहाड़
इस घटना के बाद मृतक श्यामसुंदर के परिवार में मानों गम का पहाड़ टूट पड़ा। सबसे बड़ा भाई श्याम की मौत और छोटे संतोष के गंभीर रूप से झुलस जाने से सबका रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के दो पुत्र और एक पुत्री है।