शिवरामपुर(चित्रकूट)। अन्ना गोवंशों को ठंड से बचाने समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए शासन के करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद कई अस्थाई गोशालाओं की स्थिति नहीं बदल रही है। शिवरामपुर स्थित अस्थाई गोशाला में चार गोवंशों की हालत बेहद नाजुक है। ग्रामीणों के अनुसार कुछ मवेशियों की मौत भी हो चुकी है। इसकी जानकारी पशु चिकित्साधिकारी को दी गई है लेकिन पशु चिकित्साधिकारी ने मौत के दावे को गलत बताया है। कहा कि सूचना पर डाक्टरों की टीम भेजी गई थी कुछ मवेशी बीमार जरूर मिले हैं लेकिन किसी की मौत नहीं हुई है।
मुख्यालय से सटे शिवरामपुर में बने अस्थाई गोशाला में सैकड़ों गोवंश हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि अन्ना गोवंशों की उदरपूर्ति के लिए पर्याप्त भूसा आदि का प्रबंध नहीं है। ठंड से बचाव की भी व्यवस्थाएं नहीं कराई गई। जबकि अस्थाई गोशालाओं के लिए शासन से धनराशि प्रदान की जाती है। गोसेवक चराने के नाम पर खानापूर्ति करते हैं। लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड से बेजुबान जानवरों की हालत दयनीय है। इन दिनों चार की हालत बेहद नाजुक बनी है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि सूचना के बाद भी पशु विभाग के डाक्टरों ने बीमार जानवरों का इलाज नहीं किया है।
डीएम के सख्त निर्देशों के बावजूद कुछ गोशालाओं की स्थिति जस की तस बनी है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. केपी यादव ने बताया कि पहले मामला संज्ञान में नहीं था। रविवार को जानकारी मिलने पर विभाग के डा. बीबाीएस चौहान समेत रोजगार सेवक व अन्य को गोशाला भेजा गया। गोशाला मे किसी मवेशी की मौत नहंी है। यह अफवाह फैलाई जा रही है। अस्थाई गोशालाओं में चारा-पानी की पर्याप्त व्यवस्था कराई गई है।