कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण करते अधिकारी
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इसे मुख्यमंत्री का खौफ ही कहेंगे कि जो अधिकारी फरियादियों की ठीक ढंग से सुनते तक नहीं थे, वही उनके घर के चक्कर लगा रहे हैं। मुख्यमंत्री जिन पात्रों को राहत सामग्री देंगे, उनकी सूची बनाकर अधिकारी घर-घर जा रहे हैं। बता रहे हैं कि उनका नाम पात्रों की लिस्ट में हैं और उन्हें मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने की भी व्यवस्था की गई है। पात्र भी यह सब देखकर हैरान हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के जनपद दौरे की घड़ियां जैसे-जैसे नजदीक आ रही हैं, वैसे-वैसे अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्य गति भी तेज हो रही है। साल भर बजट और शासनादेश का रोना रोने वाले विभागों के पास जाने कहां से बजट आ गया है और दिन-रात सड़क से लेकर पेयजल की सुविधाएं दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। लोहिया ग्रामों में दिन-रात अधूरे निर्माण कार्य पूरे कराए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री चित्रकूट में किसी लोहिया ग्राम का निरीक्षण और रात्रि विश्राम भी कर सकते हैं। इस खबर से अधिकारियों की नींद उड़ी है। मुख्यमंत्री के सामने सब कुछ दुरुस्त दिखाने की मानो सभी विभागों में होड़ मची है। दिन हो या रात कार्यालयों में काम होता दिख रहा है। मुख्यमंत्री जिन्हें राहत सामग्री देंगे उन पात्रों की सूची बनाकर, अधिकारी घर-घर जाकर सूचना दे रहे हैं।
यहां तक जिन्हें मुख्यमंत्री के हाथ से प्रमाणपत्र अथवा सामग्री लेनी है, उनको पंडाल तक पहुंचाने की भी व्यवस्था की जा रही है। खासकर जिला पूर्ति विभाग, डीआईओएस, तहसील और समाज कल्याण विभाग के कर्मचारी ज्यादा भाग दौड़ कर रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर साढ़े पांच फुट लंबा और तीन सौ फुट हैंगर पंडाल पूरी तरह वाटर प्रूफ बनाया जा रहा है। जिसमें लगभग दस हजार से ज्यादा लोग बैठ सकेंगे।