चित्रकूट। भरतकूप थाना क्षेत्र के कोल्हुवा गांव में किशोरी ने घर के अंदर फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को फंदे से नीचे उतारा।
कोल्हुवा गांव निवासी संवारे लाल ने बताया कि शुक्रवार की शाम घर में भतीजी आरती (17) अकेली थी। कमरे में उसने फंदा लगाकर जान दे दी। उस समय बीमार दादी रमा घर के बाहर सो रही थीं। उनके लिए वह दवा लेने गया था। लौट कर आया तो घर का दरवाजा अंदर से बंद था। वह पड़ोसी की सीढ़ी के सहारे कमरे में लगी खिड़की से देखा तो आरती फंदे में झूल रही थी। इस घटना की जानकारी पुलिस को दी।
बताया कि आरती के माता-पिता की बीमारी के कारण दस साल पहले मौत हो गई थी। आरती को उन्होंने ही पाला था। आरती के दो बड़े भाई पवन और रामू गुजरात में रहते हैं। आरती ने कक्षा तीन तक पढ़ाई की थी। वह घर में ही रहती थी। थानाध्यक्ष भरतकूप प्रवीण सिंह ने बताया कि शनिवार को परिजनों से जानकारी मिलने पर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।