फोटो 07सीकेटीपी 20 आम की फसल से लदा पेड़। संवाद
चित्रकूट। इस साल आम की अच्छी फसल की उम्मीद लगाए किसानों को बड़ा झटका लगा है। लगातार बारिश और तेज हवाओं से आम के फूल और छोटे फल गिर रहे हैं। पेड़ों में कीटों का प्रकोप और रोग भी दिख रहा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार आम के पेड़ों में अच्छी बौर आई थी। इससे बेहतर पैदावार की उम्मीद थी। हालांकि, तेज हवा और बारिश ने इन उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। किसान योगेश जैन ने बताया कि उनके 20 से अधिक आम के पेड़ों में अच्छी बौर आई थी। पर बारिश और तेज हवा से फूल गिरने से पैदावार कम होने की आशंका है। खुटहा निवासी किसान शिवकुमार शुक्ला ने भी बताया कि उनके बगीचे में आम के फल लगने शुरू हो गए थे। खराब मौसम और तेज हवा से नुकसान हो रहा है। साथ ही पेड़ों में रोग भी लग रहा है।
ऐसे करें फसल प्रबंधन
आम के पेड़ में बौर आने के बाद जब फल लग जाएं, तो कुछ दिनों के लिए सिंचाई न करें। किसानों को अपनी फसल को रोगों और कीटों से बचाने के लिए सतर्क रहना चाहिए। खराब मौसम से हुए नुकसान से उबरने के लिए उचित प्रबंधन आवश्यक है। किसानों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो इस वर्ष आम की पैदावार में भारी कमी आ सकती है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान होगा।
बोले जिम्मेदार-
कृषि वैज्ञानिक मनोज शर्मा बताते हैं कि बारिश के बाद आम के पेड़ों में फल मक्खी, थ्रिप्स जैसे कीट लगते हैं। किसानों को समय रहते प्रबंधन कर नुकसान से बचना चाहिए। कीटों से फसल बचाने के लिए मिथाइल यूजेनॉल ट्रैप रसायन प्रभावी है। इसे डाइक्लोवॉस के साथ मिलाकर घोल तैयार करें। रूई या कपड़े को डुबोकर पेड़ों पर टांगने से कीट नियंत्रित होते हैं।