पहाड़ी/मानिकपुर(चित्रकूट)।
सुप्रीम कोर्ट से लेकर हाईकोर्ट ने प्राथमिक व जूनियर स्कूलों की हालत पर यूं ही कड़ी टिप्पणी नहीं की है बल्कि जमीनी सच्चाई भी यही है। जिले के पहाड़ी के रंपुरिया पतेरे और मानिकपुर के गुरौला गांव के प्राथमिक विद्यालय का हाल बेहाल है।
आधे से कम छात्रों की उपस्थिति रहती है सबको टाटपट्टी भी नसीब नहीं होती। शौचालयों में गंदगी व बदबू का साम्राज्य है। शिक्षा का स्तर भी ठीक नहीं है। शिक्षक समय से स्कूल नहीं आते और उनकी मौजूदगी भी आधे से कम रहती है।
अमर उजाला टीम ने बुधवार को दो स्कूलों की पड़ताल की तो कहीं पर छात्र तो कहीं टीचर ही नहीं मिले। वहीं पूरे मामले में बीएसए आनंद प्रकाश शर्मा ने बताया कि शिक्षकों व छात्रों की अनुपस्थिति चिंता का विषय है। जल्द ही इस संबंध में पूछताछ की जाएगी। अन्य समस्याओं का भी समाधान कराने का प्रयास होगा।
पहाड़ी। गांव के प्राथमिक विद्यालय रंपुरिया पतेरे प्राथमिक विद्यालय और अनुसूचित जाति प्राथमिक विद्यालय चलते हैं। दोनों स्कूलों में शिक्षकों के साथ ही छात्रों की उपस्थिति भी 50 प्रतिशत ही रहती है। सुबह लगभग नौ बजे बुधवार को प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक हरिपाल सिंह गायब थे।
सहायक शिक्षक भानुमती ने बताया कि 75 छात्र पंजीकृत है जिसमें 46 मौजूद हैं। हालांकि जमीन पर टाट पट्टी में कुल 11 छात्र ही नजर आ रहे थे। पूछने पर शिक्षिका ने बताया कि कुछ छात्र खेलने गए हैं। बिना गैस सिलेंडर के खाना बनाने पर बताया कि कई महीने से ऐसा चल रहा है।
स्कूल का शौचालय बेहद गंदा व बदबूदार मिला। इस स्कूल के एक कमरेे में छात्रों के लिए कुर्सी मेज जु़ड़ी वाली टेबिल रखी है लेकिन उसका उपयोग नहीं होता। सबको जमीन पर ही बैठाया जाता है। स्कूल की बाउंड्रीवाल भी टूटी है।