चित्रकूट। टीबी मरीजों की खोज के लिए जिले में 12 जुलाई से घर-घर दस्तक का अभियान शुरू होगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा विनोद कुमार यादव ने बताया कि अभियान के दौरान यदि किसी में कोई लक्षण मिलता है तो उसकी जांच के साथ संबंधित का उपचार किया जाएगा। जिला क्षय रोग अधिकारी डा नरेंद्र कुमार कुरैचया ने बताया कि आशा के अलावा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाएंगी। परिवार के लोगों से पूछेंगी कि यहां किसी को खांसी के साथ बलगम तो नहीं आ रहा है। इसका उत्तर हां में मिलने पर आशा कार्यकर्ता उस व्यक्ति का नाम, पता, मोबाइल नंबर नोट करेंगी। ऐसे लोगों की लिस्ट आशा कार्यकर्ता संबंधित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक को देंगी। उनका ब्योरा निक्षय पोर्टल पर अपलोड करने के बाद उन्हें उनके पोषण में सुधार के लिए पांच सौ रुपये प्रति माह टीबी रोगी के खाते में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि क्षय रोगी श्रमिक है तो उसका श्रम विभाग में टीबी ट्रीटमेंट कार्ड के आधार पर पंजीयन करा करके उसे अन्य योजनाओं का भी लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा।
जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि खांसी आना, खांसी के साथ बलगम और खून आना, तेज पसीना आना, एक हफ्ते से अधिक बुखार रहना, थकावट होना, वजन घटना, सांस लेने में परेशानी के साथ सीने में दर्द होना क्षय रोग के प्रमुख लक्षण हैं।