चित्रकूट/खोही। महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के छात्र महादेश जमारे की खुदकुशी मामले में छात्रों ने आंदोलन शुरू कर दिया है। सोमवार को विश्वविद्यालय गेट पर नारेबाजी कर छात्रों नेधरना दिया। स्थिति बिगड़ती देख विवि प्रशासन ने विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया। दो घंटे तक चले धरने के दौरान छात्रों ने कुलपति समेत तीन शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। छात्र को निष्काषित करने वाले शिक्षक को निलंबित करने की भी मांग की।
मप्र के खरगौन जिला निवासी बीएससी के छात्र महादेश जमारे को छात्रों के विवाद पर विवि की जांच टीम ने निष्कासित कर दिया था। इससे कुंंठित होकर शनिवार को उसने कमरे में खुदकुशी कर लीद्ध रविवार को इस मामले में छात्र के भाई राजेंद्र जमारे ने कुछ सहपाठियों के साथ नया गांव चित्रकूट पुलिस थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके भाई को बिना कारण ही विश्वविद्यालय की कुलअनुशासन टीम ने निकासित कर दिया था। उसके ऊपर छात्रों के साथ लड़ाई करने के आरोप लगाया गया था। जबकि उस दिन उसका भाई घर में था वह विश्वविद्यालय गया ही नहीं था। छात्र के भाई राजेंद्र ने बताया कि एकतरफा कार्रवाई की जानकारी के बाद भाई कई बार विश्वविद्यालय के कुल अनुशासन टीम व बीएससी के डीन को जानकारी देकर खुद को निर्दाेष बताया। इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। इससे उसके भाई ने मजबूरी में खुदकुशी कर लिया था।
सोमवार को अभाविप व एनएसयूआई संगठन के पदाधिकारियों के साथ सैकड़ों छात्र नारेबाजी करते हुए विवि पहुंचने लगे। यह देखकर विवि प्रशासन ने गेट पहले ही बंद करा दिया और अवकाश घोषित करा दिया। आक्रोशित छात्रों ने विवि गेट पर ही धरना देकर दोषियों को सजा दिलाने की मांग की। आरोप लगाया कि इस मामले में कुलपति समेत विभागाध्यक्ष व कुलअनुशासन टीम के प्रभारी दोषी हैं। के प्रदर्शन व धरने की जानकारी पर पुलिस बल के साथ नायब तहसीलदार पहुंचे। विवि के उपकुलपति भी पहुंचे। छात्रों ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन देकर तीनों शिक्षकों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने व निष्कासित करने वालों को निलंबित करने की मांग की है।