जयदेवदास अखाड़ा में जमीन पर बैठकर परीक्षा देते छात्र
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चित्रकूट। मुख्यालय में चल रही संस्कृ त की परीक्षाओं में जमकर मानकों की अनदेखी हो रही है। खूब नकल भी होती है लेकिन यहां उड़नदस्ता कभी छापा नहीं मारता।
तरौंहा के जयदेवदास अखाड़ा परिसर में स्थित संस्कृत विद्यालय में शनिवार को शास्त्रीय द्वितीय व आचार्य तृतीय विषय की लिखित परीक्षा हुई।
परीक्षा में दो सौ से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार परीक्षा में खूब नकल हो रही है। जिसे रोकने के लिए कोई उड़नदस्ता नहीं आता। परीक्षा के मानकों की भी अनदेखी होती है। भीषण गर्मी में छात्र जमीन पर बैठकर परीक्षा दे रहे हैं। उनके कमरे व बरामदे में पंखा नहीं है। इस मामले में विद्यालय परीक्षा प्रभारी रामयश ओझा ने बताया कि 215 छात्र परीक्षा दे रहें हैं। जमीन पर छात्रों के बैठने के सवाल पर कहा कि यहां सुविधाएं नहीं है तो मजबूरी में ऐसा करना पड़ रहा है। यहां मानिकपुर का भी सेंटर है। नकल होने की बात से इंकार किया है।