चित्रकूट/भरतकूप।
पहले अवैध खनन बंद होने से क्रेशर मिल मालिकों का व्यवसाय प्रभावित हो गया है। प्रदूषण नियंत्रण मानक पूरे न होने पर दस क्रेशर पर प्रशासन ने कार्यवाई की है। जिसमें सात को सीज कर और तीन को कारण बताओ नोटिस जारी की है। दस दिन पूर्व ही आधा दर्जन क्रेशरों को पहले सीज किया जा चुका है।
इस कार्रवाई से क्रेशर मालिकों में हड़कंप मचा है।
शुक्रवार को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड लखनऊ के निर्देश पर प्रदुषण नियत्रंण विभाग के अधिकारी विजय कुमार, सदर एसडीएम नरेंद्र सिंह, सीओ राजेश तिवारी, जिला खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह, असिस्टेंट कमिशभनर वाणिज्यकर व श्रम प्रवर्तन अधिकारी की टीम ने भरतकूप क्रेशर मंडी में छापेमारी की।
जांच के दौरान टीम ने सात क्रेशर को सीज कर दिया और तीन को एक माह में जवाब देने की नोटिस दी है। जिला खनिज अधिकारी ने बताया कि सभी पर प्रदूषण के मानक पूरे न करने पर कार्यवाई की गई है। गौरतलब है कि 29 मार्च को भी छापेमारी कर इस क्षेत्र के छह क्रेशर में प्रदूषण के मानक पूूरे न करने पर सीज किया गया था।
इन पर हुई कार्यवाई
प्रसाद ग्रेनाइट- पवन द्विवेदी, गया ग्रेनाइट- कुलदीप द्विवेदी, ओम ग्रेनाइट- विकास सिंह, सिंह ग्रेनाइट- संजय सिंह, त्रिशूल ग्रेनाइट-अनिल सिंह, सदगुरु स्टोन मिल- शिवनरेश द्विवेदी, मां शेरावाली स्टोन मिल- बबलू जायसवाल के क्रेशर सीज हुए।
इसके अलावा संगम स्टोन मिल- कमल यादव, संकटमोचक स्टोन मिल-पिंटू सिंह और गायत्री प्रोजेक्ट मिल को प्रदुषण मानक पूरे न होने को नोटिस दिया गया है।