अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। जिला अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर कलक्ट्रेट मार्ग पर सोमवार को सड़क किनारे प्रसव हुआ। स्थानीय लोगों की सूचना पर करीब आधे घंटे बाद पहुंची एंबुलेंस से जच्चा-बच्चा को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने एंबुलेंस देर से मिलने का आरोप लगाया है, जबकि सीएमओ ने देरी की बात से इनकार किया है।
मुख्यालय के मछलीमंडी निवासी गुड़िया पत्नी राजकुमार पाल के परिजन सोमवार को बाजार गए थे। वह घर में अकेली थी। इसी दौरान उसे प्रसव पीड़ा होने लगी। वह बिना किसी को सूूचना दिए अकेले जिला अस्पताल के लिए चल दी। वह कलक्ट्रेट मार्ग पर जिला अस्पताल से करीब एक किलोमीटर दूर पसियाना मोहल्ले में पहुंची थी कि दर्द से बेहाल होकर गिर पड़ी। आसपास की महिलाओं ने किसी तरह उसे सड़क किनारे किया और एंबुलेंस को सूचना दी। इसी बीच प्रसव हो गया। मौके पर मौजूद सपा नेता पवन पटेल ने सीएमओ को मोबाइल पर काल कर स्थिति बताई। करीब आधे घंटे बाद एंबुलेंस मौके पर पहुंची। जच्चा-बच्चा को जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां चिकित्सक ने नवजात को मृत घोषित कर दिया। कुछ देर बाद प्रसूता के परिजन भी मौके पर पहुंच गए। आरोप लगाया कि समय से एंबुलेंस मिल गई होती तो बच्चे को बचाया जा सकता था। सीएमओ डा.रामजी पांडेय ने बताया कि सूचना मिलते ही सीएमएस को जानकारी देकर एंबुलेंस भेजा गया। सीएमएस डा.एनके गुप्ता ने बताया कि महिला ने मृत बच्चे को ही जना था। यह महिला का पहला बच्चा बताया गया है। महिला ने बच्ची को जना था। सूचना मिलते ही एंबुलेंस भेजा गया।