चित्रकूट। पुरानी बाजार स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार रात मनु-सतरूपा और रावण जन्म की लीला का मंचन हुआ।
कलाकारों ने दिखाया कि मनु-सतरूपा का धरती पर जन्म हुआ और उन्होंने सृष्टि की रचना की। मनु ने घोर तपस्या की तो भगवान विष्णु ने दर्शन दिए। मनु की इच्छा थी कि उनके घर भगवान के समान पुत्र जन्म ले।
वरदान मिला कि त्रेता युग में दोनों दशरथ-कौशल्या के रूप में जन्म लेंगे और श्रीराम उनके पुत्र के रूप में अवतरित होंगे। फिर रावण जन्म की लीला प्रस्तुत की गई। इस दौरान नरेश केसरवानी, कमलाकांत शुक्ला, राजेश समेत कई दर्शक मौजूद रहे।
उधर तरौंहा कस्बे में मेघनाद लीला का मंचन हुआ। लक्ष्मण द्वारा मेघनाद वध की लीला देख दर्शक भावविभोर हो गए। सद्गुरु सेवा संघ के ट्रस्टी डॉ. इलेश जैन ने आरती उतारी। आयोजक प्रशांत करवरिया व सदस्यों ने व्यवस्था संभाली।