चित्रकूट/मानिकपुर। चार दिन पहले मानिकपुर कस्बे में दिनदहाड़े हुई हत्या के मामले का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। मृतक का बेटा ही हत्या का आरोपी निकला, जिसने दोस्त के साथ मिलकर घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त चाकू, खून से सने कपड़े और बाइक बरामद कर आरोपी को जेल भेज दिया है। जबकि उसके सहयोगी की तलाश की जा रही है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि पिता के पुश्तैनी जमीन बेचने और उनके कर्जदारों से परेशान होकर उसने उनकी हत्या कर दी थी।
पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने बताया कि 10 मार्च को मानिकपुर थाना क्षेत्र के शंकर तिराहे पर बांदा जिले के मुसीवा कमासिन निवासी राजू उर्फ भोला जायसवाल का शव मिला था। जिसकी चाकूओं से गोदकर हत्या की गई थी। इस मामले में थाना प्रभारी सुभाषचंद्र चौरसिया, दरोगा दिनेश कुमार सिंह ने शनिवार को शक के आधार पर मृतक के पुत्र शोभित जायसवाल (20) को झर्री फाटक के पास से बाइक समेत पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसके पिता पंजाब के लुधियाना में एक महिला के साथ रहते थे, जिसके ऊपर वह खूब रुपये खर्च करते थे। उन्होंने गांव के एक व्यक्ति से पुश्तैनी जमीन बेचने के नाम पर पांच लाख रुपये लिया था। इसके अलावा भी उन्होंने अन्य अन्य लोगों से डेढ़ लाख रुपये का कर्ज ले रखा था, जिसे जुएं और शराब में उड़ा दिया था। कर्जदार उससे अपने रुपये की मांग करते थे, जिससे वह परेशान रहता था। बताया कि पिता उसे व मां को खर्च के लिए रुपये नहीं देते थे।
आरोपी ने बताया कि दस मार्च को उसके पिता कुछ लोगों के साथ लुधियाना से ट्रेन से बांदा आ रहे थे। बांदा में वह उन लोगों को चकमा देकर कर्वी आ गए। वहां पर राजू ने शोभित को फोन कर बुलाया और कहा कि उसे मानिकपुर में छोड़ दो। इस पर वह अपने साथी राजा के साथ पिता को लेकर मानिकपुर आ गया। यहीं पर उसने निही चिरैया जाने वाली सूनसान सड़क पर चाकू से गला रेत कर पिता की हत्या कर दी और थोड़ी ही दूर पर चाकू छिपा दिया था।
आरोपी के चेहरे पर नहीं दिखा पश्चाताप का भाव
चित्रकूट। हत्यारोपी शोभित जायसवाल को अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है। एसपी अंकित मित्तल को पूछताछ के दौरान उसने बताया कि तीन साल से वह पिता की हरकतों से परेशान था। इस बार उसने हत्या करने की योजना बना ली थी। उसे पता था कि पिता कब आ रहे हैं रास्ते में ही उनकी हत्या करने की ठान ली थी।
पिता के कर्वी बुलाने पर उसने दोस्त राजा को तैयार किया और वहीं पर चाकू खरीदा था। हत्यारोपी ने बताया कि वह दो भाई हैं। उसने पिता की हत्या की जानकारी मां व भाई को नहीं दी थी। वारदात के बाद वह गांव भी गया था। पुलिस को शक हो जाने पर वह बचकर घूम रहा था।