चित्रकूट। कर्वी-देवगांना मार्ग पर ट्रैफिक सामान्य था। दोपहिया और चार पहिया वाहन सड़क पर फर्राटा भर रहे थे और राहगीर भी निकल रहे थे। ठीक पांच बजे कलक्ट्रेट परिसर में जोरदार आवाज सुनाई पड़ी। देखते ही देखते चारों तरफ धुएं का गुबार नजर आया। कुछ ही मिनट में सायरन बजाते एंबुलेंस और दमकल गाड़ियां परिसर में दाखिल हुईं। यह देख आसपास के लोग सहम गए। जानकारी करने पर पता चला है कि कलक्ट्रेट परिसर में दैवीय आपदा भूकंप और आगजनी की जैसी वारदातें से निपटने के लिए मॉकड्रिल था। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
अपर जिलाधिकारी चंद्र शेखर व डिप्टी कलेक्टर/उप नियंत्रक अजय कुमार की मौजूदगी में कलक्ट्रेट परिसर में मॉकड्रिल का आयोजन हुआ। मॉकड्रिल में नागरिक स्वयं सेवकों को बाढ़, भूकंप और आगजनी जैसी आपदाओं से निपटने के लिए प्रशिक्षित किया। प्रशिक्षकों ने प्राथमिक उपचार, अस्थायी स्ट्रेचर निर्माण और कृत्रिम श्वसन की विधियों का व्यावहारिक ट्रेनिंग दी गई और आग बुझाने के तरीके भी बतलाए गए। साथ ही भीड़ प्रबंधन एवं सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने का प्रशिक्षण भी दिया। संचालन सहायक उप नियंत्रक दीपक त्रिपाठी ने किया। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल अंधेश सिंह, कैप्टन संतोष कुमार प्रजापति, एडीसी होमगार्ड राजेंद्र शुक्ला, आपदा विशेषज्ञ राहुल सिंह की भी सहभागिता रही।