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चित्रकूटः पति, सास-ससुर व देवर को सात-सात साल की सजा

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चित्रकूट। दहेज हत्या के मामले में दोष सिद्ध होेने पर न्यायालय ने मृतका के पति, देवर, सास और ससुर को सात-सात साल कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी गोपालदास ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के खुटहा गांव निवासी अवधेश कुमार ने 5 मार्च 2017 को अपनी पुत्री प्रतिमा की शादी सपहा निवासी सरकारी शिक्षक विपुल के साथ की थी। शादी के बाद से पुत्री को विपुल, सास स्वर्णलता, ससुर मइयादीन और देवर अनिल आदि दहेज को लेकर प्रताड़ित करने लगे। इसकी जानकारी प्रतिमा मायके में देती थी।
11 जून 2018 को प्रतिमा के ससुर ने उसके बीमार होने की सूचना फोन के जरिए दी। इसकी जानकारी मिलने पर वह प्रतिमा को लेकर अस्पताल पहुंचे। रास्ते में प्रतिमा ने बताया कि ससुराली जनों ने दहेज की मांग पूरी न होने के कारण उसे जहर घोल कर पिला दिया है। अस्पताल में गंभीर हालत के चलते प्रतिमा को रेफर कर दिया गया और प्रयागराज ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया।
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पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। मंगलवार को बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) विनीत नारायण पांडेय ने दोष सिद्ध होेने पर मृतका प्रतिमा के पति विपुल, देवर अनिल, सास स्वर्णलता और ससुर मइयादीन को सात-सात वर्ष कारावास की सजा सुनाई। साथ ही प्रत्येक पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
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