चित्रकूट। लगातार बारिश से खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। तिल और उड़द की फसल को सबसे अधिक हानि हुई है। अरहर और धान को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।
खेतों में जलभराव के कारण फसलें सड़ने लगी हैं। जुलाई में कम बारिश के चलते किसानों ने तिल, उड़द और अरहर की बोआई की थी लेकिन सितंबर की लगातार बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।
किसान शैलेंद्र सिंह की पांच बीघा तिल की फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। सुरसेन गांव के रामलखन मिश्र की तीन बीघा तिल की फसल बारिश में खराब हुई। मानिकपुर क्षेत्र के श्यामबाबू ने बताया कि तिल और उड़द के पौधे सड़ गए हैं। किसान रामहित सिंह और रामबरन की अरहर व ज्वार-बाजरा की फसल भी जलभराव से खराब हो रही है। योगेश जैन के अनुसार, जिन धान के खेतों में बाली निकल आई है, वहां नुकसान अधिक है।
उप कृषि निदेशक जीतलाल गुप्ता ने बताया कि तिल और उड़द की फसल को सबसे अधिक नुकसान हुआ है। जलभराव वाले खेतों में अरहर को भी हानि हो रही है। उन्होंने किसानों को पानी निकालने की सलाह दी है। देर से लगी धान की फसल में आंशिक नुकसान ही है। अब तक 1052 किसानों ने फसल नुकसान की सूचना बीमा कंपनी को दी है। कृषि विभाग और बीमा कंपनी की टीम मिलकर सर्वे कर रही है।